रामलीला समितियों के मंच पर सीता स्वयंवर, राम-विवाह और सीता-विदाई का दृश्य देख भावुक हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर की रामलीला समितियों के मंच पर शुक्रवार को सीता स्वयंवर, सीता-राम विवाह, सीता विदाई और राम वनवास समेत अन्य प्रसंगों का मंचन किया गया। राम-विवाह के दृश्य देख दर्शक हर्षित हुए। सीता की विदाई के मंचन के दौरान दर्शक दीर्घा भावुक दिखा।
सेक्टर-12 : सीता स्वयंवर
सेक्टर-12 में बजरंग रामलीला समिति के मंच पर सीता स्वयंवर के दृश्य दिखाए गए। इसमें राजाओं ने अपने पुरुषार्थ का परिचय दिया लेकिन शिव-धनुष को प्रभु श्रीराम ने ही भंग किया। उसके बाद माता सीता ने उन्हें वरमाला पहनाई। लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
सेक्टर-62 : राम-जानकी विवाह का मंचन
सेक्टर-62 में श्रीराम मित्र मंडल समिति की ओर से राम-जानकी विवाह के प्रसंग का मंचन किया गया। सीता विदाई के प्रसंग की प्रस्तुति दी गई। इस दृश्य ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दौरान समिति के महासचिव मुन्ना शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
जब मिथिला पहुंची बरात
सेक्टर-46 की श्रीराम लखन धार्मिक लीला कमेटी के मंचन की शुरुआत मुख्य अतिथि अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद सिंह ने दीप प्रज्वलन के साथ की। पहले दृश्य में राजा दशरथ मिथिला के राजा जनक के द्वार पर बरात लेकर पहुंचे। मंचन में राम-विवाह की सुंदर प्रस्तुति की गई। राम-विवाह के दौरान सखियों के साथ वार्तालाप का भी मंचन किया गया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
राजा दशरथ ने की राम के राज्याभिषेक की घोषणा
सेक्टर-21ए में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में राजा दशरथ ने राम के राज्याभिषेक की घोषणा की। इस दौरान दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद मंथरा-कैकई संवाद का मंचन किया गया। जब कैकई ने महाराज दशरथ से श्रीराम के लिए 14 वर्ष वनवास का वर मांगा तो दर्शक भावुक हो उठे।
राम वनवास का मंचन किया
महर्षि नगर में महर्षि रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में पहले दशरथ-कैकई संवाद का मंचन किया गया। इसके बाद श्रीराम को 14 वर्ष के वनवास जाने के दृश्य का मंचन किया गया। श्रीराम और निषाद के मिलन के प्रसंग को भी दिखाया गया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष रामेंद्र सचान सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे।