राकेश टिकैत ने ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत बुलाई गई थी। उनको दोपहर 12 बजे तक महापंचायत में पहुंचना था। अलीगढ़ के टप्पल से होकर वो ग्रेनो आ रहे थे, लेकिन टप्पल थाना पुलिस ने उनके वाहनों को रोक लिया। पुलिस के रास्ता रोकने पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कार से उतरकर भाग निकलें। पुलिस उनके पीछे-पीछे दौड़ रही थी। टिकैत भाग कर यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए और वहां एक कैंटर को रोक लिया। कैंटर में बैठकर वो ग्रेनो आने वाले थे, लेकिन पुलिस ने कैंटर को रोककर टिकैत को हिरासत में लिया।
हिरासत में लेने के बाद पुलिस टिकैत को थाना लेकर पहुंची। वहां दिन भर हिरासत में रखा। सूचना मिलने पर ग्रेनो के साथ-साथ अन्य जगह के किसान भी थाने के बाहर पहुंच गए। टिकैत को हिरासत में लेने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा। वहीं टिकैत को हिरासत में लेने और छोड़ने की पल-पल जानकारी महापंचायत में किसानों को भी दी गई।
सहमति को लेकर समिति के सदस्यों के बीच माथापच्ची
संयुक्त किसान मोर्चा की एक समिति बनाई गई। जिसमें सभी संगठन के पदाधिकारी को शामिल किया गया। महापंचायत में उनको फैसला लेने था, लेकिन दोपहर बाद उनके बीच सहमति नहीं बनी। एक पक्ष प्रशासन के साथ वार्ता करना चाह रहा था। जबकि दूसरा पक्षा सड़क जाम करने या दिल्ली कूच करने पर अड़ गया। हालांकि बाद में अन्य किसानों ने मिलकर मामला शांत कराया।
गांव-गांव किसानों को पुलिस ने रोका
महापंचायत में गांव-गांव से किसान पहुंचे, लेकिन जारचा, बिसरख समेत कई कोतवाली पुलिस ने काफी किसानों को बीच में ही रोक लिया और थाने ले गए। जानकारी लगने पर धरना स्थल से किसानों ने पुलिस ने हिरासत में लिए किसानों को छोड़ने की मांग की।