-व्यापारियों से 400-500 रुपये कम पर बेचना पड़ा गेहूं
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। रबी सीजन में गेहूं की फसल के दौरान हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। गेहूं का रंग काला पड़ने के कारण सरकारी खरीद केंद्रों पर इसकी खरीद नहीं हो पा रही है। मजबूरन किसानों को अपना गेहूं व्यापारियों को कम दाम पर बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बारिश के कारण फसल गिर गई और ओलों से बालियां टूट गई। नमी के कारण अनाज का रंग काला और बदरंग हो गया। जब किसान गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्र पहुंचे, तो गुणवत्ता खराब होने का हवाला देकर सरकारी दर पर खरीद से इंकार कर दिया गया।
खटाना गांव के किसान देवेंद्र खटाना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गेहूं की सरकारी खरीद की कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों को 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचना पड़ रहा है, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार खरीद की उचित व्यवस्था करेगी, तब तक किसानों का अधिकतर गेहूं व्यापारियों के पास जा चुका होगा।