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जिले में 1563 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

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पुन्हाना। जिले की विभिन्न मंडियों और खरीद केंद्रों में अब तक एजेंसियां 1563 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर चुकी हैं। इनमें से पुन्हाना मंडी में सबसे अधिक 1443 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसमें से एफसीआई ने 1443 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है।
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उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि नूंह अनाज मंडी में 90 मीट्रिक टन गेहूं हरियाणा भंडारण निगम ने खरीदा है। फिरोजपुर झिरका अनाज मंडी में 27 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हरियाणा भंडारण निगम ने की है। इसी प्रकार, तावडू अनाज मंडी में अब तक हरियाणा भंडारण निगम ने तीन मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। दूसरी ओर, पुन्हाना और पिनगवां की अनाज मंडियों में सरकारी खरीद की गति देखकर लगता है कि किसानों की फसल खरीदने में पांच महीने लगेंगे। दो दिन में पिनगवां अनाज मंडी में मात्र 40 क्विंटल और पुन्हाना अनाज मंडी में करीब 25 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका है।
हरियाणा सरकार ने बाजरे की तरह इस बार गेहूं की फसल भी ऑनलाइन करने के बाद ही खरीदने के आदेश दिए थे। नूंह जिले के करीब 12 हजार किसानों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर फसल को रजिस्टर्ड कराया है। अकेले पुन्हाना तहसील में 4399 किसानों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार ने पहली अप्रैल से 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश दिए थे। आधी-अधूरी तैयारियों के चलते अब तक किसानों को फसल बेचने में काफी परेशानी हो रही है।
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पहली अप्रैल को करीब 50 किसानों को सीधा मैसेज भेजकर फसल पुन्हाना अनाज मंडी में बेचने को कहा गया। करीब 12,500 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। पिनगवां खंड के किसी भी किसान को मैसेज नहीं मिला। दो अप्रैल शुक्रवार को पुन्हाना में कुल 37 किसानों को सरकार की ओर से फसल बेचने का मैसेज आया। इनमें 35 मैसेज गेहूं, एक सरसों और एक दलहन का था। करीब 62 गेट पास काटे गए। इसके तहत करीब 13 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। पिनगवां अनाज मंडी के आढ़ती डब्बू ने बताया कि पिनगवां खंड के एकमात्र किसान को मैसेज आया। उसने केवल 40 क्विंटल गेहूं बेचा है।
ऐसे ही चलता रहा तो किसानों और आढ़तियों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। ऐसे तो पांच महीने तक भी किसानों का अनाज नहीं खरीदा जा सकता। सरकार और अधिकारियों को किसानों को ज्यादा मैसेज भेजने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। पुन्हाना में करीब 60 आढ़ती हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा के पास एक दाना भी नहीं पहुंचा है।
- संजीव सिकरिया, प्रधान, पुन्हाना अनाज मंडी।
अभी शुरुआत है। दस अप्रैल तक सारी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। फिलहाल जो परेशानी आ रही है, उस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। किसानों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा। किसी भी किसान को घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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- रणबीर सिंह, उपमंडल अधिकारी, पुन्हाना।
फोटो-पुन्हाना अनाज मंडी में बिक्री के लिए आया किसानों का गेहूं।
फोटो : संजीव सिकरिया, प्रधान, पुन्हाना अनाज मंडी
फोटो : रणबीर सिंह, एसडीएम पुन्हाना
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