छह लाख रुपये हड़पकर जनसेवा केंद्र संचालक फरार, नहीं उठी बहन की डोली
- बैंक लेनदेन में मदद के लिए कागज देने पर बहन भाई के खाते से निकाले आरोपी ने रुपये
- आरोपियों ने बैंक से लोन लिया और क्रेडिट कार्ड बनवाकर भी की खरीदारी, चार पर केस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र संचालक ने बैंक का खाता खुलवाने और लेनदेन में मदद के लिए पहुंचे भाई बहन के छह लाख रुपये हड़प लिए और फरार हो गया। आरोपी ने पीड़ित भाई-बहन के खाते से कई बार में एक हजार की जगह दस हजार रुपये निकाले। उनके कागजात से बैंक से डेढ़ लाख रुपये का लोन भी लिया और क्रेडिट कार्ड बनवाकर खरीदारी भी की। इसके चलते पीड़ित की बड़ी बहन की 25 जनवरी को होने वाली शादी भी टल गई। मामले में पीड़िता रूमा की शिकायत पर पुलिस ने केंद्र संचालक गौरव, गौरी शंकर, गौतमकुमार और गुड्डू पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
मूलरूप से सिकंदराऊ निवासी रूमा अपने परिवार के साथ हल्दोनी गांव में रहती है। रूमा और उसका भाई सुहैल निजी कंपनी में काम करते हैं। रूमा की बड़ी बहन नेहा की 25 जनवरी को शादी होने वाली थी। परिवार के लोग शादी के लिए रुपये का बंदोबस्त करने में जुटे थे। रूमा और उसके भाई ने बैंक खाता खुलवाने के लिए जनसेवा केंद्र चलाने वाले गौरव से संपर्क किया। आरोपी ने उनसे पहचान पत्र आदि कागजात ले लिए। इसके बाद दोनों का बैंक खाता भी खुलवा दिया। रूमा की मां सीमा का आरोप है कि आरोपी को डेढ़ लाख रुपया नकद जमा करने के लिए दिए गए थे। लेकिन उसने रुपये जमा नहीं किए। आरोपी पीड़ितों के एक हजार रुपये निकलवाने पर एक जीरो बढ़ाकर दस हजार रुपये निकालते रहे। क्रेडिट कार्ड से भी उन्होंने जगह-जगह से शॉपिंग की। क्रेडिट कार्ड और लोन का बकाया होने पर पीड़ितों के मोबाइल पर जब बैंक कॉल आनी शुरू हुईं तब जाकर पीड़ितों को ठगी की जानकारी हुई। इसके बाद आरोपी रुपये मांगने केंद्र पर पहुंचे तो आरोपी गौरव केंद्र बंद कर फरार हो गया।
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परिवार ने किया बेदखल, कई लोगों से धोखाधड़ी
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी के परिवार के लोगों ने जानकारी दी है कि गौरव को उन्होंने बेदखल कर दिया है। गौरव अपनी पत्नी को साथ लेकर फरार हुआ है। ऐसे में आशंका है कि आरोपी अन्य लोगों से भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। ईकोटेक-3 थाना प्रभारी सुनील दत्त का कहना है कि इस मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को तलाश किया जा रहा है। अन्य किसी पीड़ित की शिकायत मिलती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।