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Noida News: लखनऊ कूच करने के बाद तेज हुआ प्रदर्शन, मरीजों का इलाज और बच्चों का टीककरण प्रभावित

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नोएडा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में
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-कुछ संविदा कर्मियों व एएनएम की ओर से सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन जारी रहा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में स्वास्थ्य कर्मियों का कार्य बहिष्कार और तेज हो गया है। अधिकतर एनएचएम संविदाकर्मी धरना प्रदर्शन के लिए लखनऊ कूच कर गए हैं। इसके साथ ही कुछ संविदा कर्मियों व एएनएम की ओर से सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन जारी रहा। सभी स्टाफ के कार्य बहिष्कार से मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हड़ताल से बच्चों के टीकाकरण में बाधा आ रही है।

स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, गौतमबुद्ध नगर के सभी प्राथमिक, सामुदायिक और जिला स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल कार्यबल का करीब 50 फीसदी हिस्सा संविदा कर्मचारियों का है। नियमित स्टाफ का कार्य दोगुना होने से पर्चा काउंटर, डॉक्टर कक्ष और दवा वितरण केंद्रों पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है।
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रोजाना सैकड़ों मरीजों का इलाज प्रभावित

जिले की 6 सीएचसी, 16 यूपीएचसी, 21 पीएचसी और 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन औसतन 2,500 मरीज उपचार के लिए आते हैं। यहां सीएचओ और पैरामेडिकल स्टाफ की गैरमौजूदगी से प्राथमिक जांच व दवा वितरण का काम बुरी तरह प्रभावित है।
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450 कर्मचारी हड़ताल पर, टीकाकरण भी अटका -

जिले के करीब 450 संविदा कर्मचारी वर्तमान में कार्य बहिष्कार पर हैं, जिनमें 45 डॉक्टर, 200 पैरामेडिकल कर्मी और 170 एएनएम शामिल हैं। एएनएम के हड़ताल में शामिल होने से नियमित टीकाकरण अभियान पर ब्रेक लग गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के अनुसार, जिले में रोजाना करीब 1,000 बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। इसके अलावा प्रसव सेवाएं, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, लैब टेस्ट और सरकारी पोर्टल पर डेटा एंट्री का काम भी ठप पड़ा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण।

समान पद के लिए समान कार्य-समान वेतन का नियम लागू हो।

10 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा बीमा का प्रावधान।

महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का समुचित लाभ मिले।

आयुष्मान आरोग्य केंद्रों के 56 सीएचओ का अलग कैडर बनाकर उन्हें नियमित सेवा में लिया जाए।
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