-किसान संगठनों ने योजना पर सवाल उठाते हुए रद्द करने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
रबूपुरा। गौतमबुद्ध नगर जिले में विद्युत विभाग की ओर से एक नवंबर 2025 से लागू होने जा रही शहरी पुनर्गठन योजना का किसान संगठनों ने विरोध किया है। किसान संगठनों का कहना है कि इससे आमजन में उपभोक्ताओं का जीवन प्रभावित होगा तथा यह लोगों के हित में नहीं है। भाकियू महासभा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना के लागू होने पर रोक लगाने की मांग की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी ने बताया कि वर्तमान में जेवर में दनकौर क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ता विद्युत संबंधित समस्या जैसे कि नया कनेक्शन लेना बिलों की गड़बड़ी विद्युत आपूर्ति आदि का निस्तारण नजदीक एक्शन व एसडीओ कार्यालय में जाकर आसानी से कर लेते हैं। उक्त योजना के अंतर्गत उनके कार्यालय को बंद किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को संबंधित कार्यों के लिए नोएडा शहर स्थित कार्यालयों तक जाना पड़ेगा। राष्ट्रीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष चौधरी इकपाल सिंह का कहना है कि इस योजना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यौराज सिंह का कहना है कि यह योजना ग्रामीण जनता को परेशान करने वाली है। भारतीय किसान यूनियन भूमिपुत्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रताप सिंह का शहरी पुनर्गठन योजना में दनकौर, जेवर ग्रामीण क्षेत्र को सम्मिलित किया जाना भेदभाव पूर्ण अनुचित कदम है। यदि जरूरत पड़ी तो संगठन इसके विरोध में जन आंदोलन करेंगे।
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