राज्य जीएसटी विभाग की ओर से हर माह ईंट भट्टों का हर माह सर्वे कराए जाने के आदेश से जिले भर के ईंट-भट्ठा कारोबारी आक्रोशित हैं। कारोबारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को शहर के मेंडू रोड स्थित हरि सदन में हुई जिला ब्रिक क्लिन एसोसिएशन की बैठक में बड़ी संख्या में कारोबारी पहुंचे। अध्यक्षता महामंत्री कमल गोयल ने की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर विभाग ने यह व्यवस्था वापस नहीं ली तो जनपद स्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कारोबारियों ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने हाल ही में ईंट भट्ठा उद्योग के लिए कर की दरों में रियायत दी है, ताकि कारोबारियों को राहत मिल सके, लेकिन राज्य स्तर पर विभागीय अधिकारियों ने इसके विपरीत आदेश जारी करते हुए हर माह सर्वे की अनिवार्यता लागू कर दी है। इससे न केवल भट्ठा संचालकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है, बल्कि उत्पादन व बिक्री की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
जिलाध्यक्ष मुकेश दीक्षित ने कहा कि पहले ही कोयले, मिट्टी और मजदूरी के बढ़ते खर्च से उद्योग संकट में है। ऐसे में प्रत्येक माह विभागीय सर्वे से कामकाज और भी कठिन हो जाएगा।
एसोसिएशन के महामंत्री कमल गोयल ने कहा कि जीएसटी विभाग की यह नीति ईंट-भट्ठा उद्योग को बंद करने की साजिश प्रतीत होती है। विभागीय अधिकारी उद्योग की वास्तविक स्थिति को समझे बिना नियम लागू कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया, तो जिले के सभी भट्ठा संचालक धरना-प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन को व्यापक स्तर तक ले जाया जाएगा। बैठक में धर्मेंद्र सिंह, दिनेश कुमार पुंढीर, बॉबी जाखेटिया, राहुल यादव आदि मौजूद थे।