जिम्स के आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन
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राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्स कर्मचारी सोमवार को धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि उनसे वादा किया गाय था कि उन्हें स्थाई किया जाएगा,लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। कोरोना काल में हमने सेवा की। हमें स्थाई करने का भरोसा दिया गया था। नई भर्ती निकलकर दूसरे लोगों को लाया जा रहा है।
उनका कहना है कि परीक्षा कराई जा रही है। कई ओवररेज कर्मचारी परीक्षा कैसे देंगे। उन्हें परीक्षा में फंसाया जा रहा है। जिससे उन्हें बाहर निकाला जा सके। वही पैरामेडिकल स्टाफ का कहना है। जब तक उन्हें स्थाई नहीं किया जाएगा। वह धरने पर बैठे रहेंगे बंदर पैरामेडिकल स्टाफ के धरने पर बैठ जाने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चल मार गई है। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें नियमित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) करें। क्योंकि यह स्वायत्त संस्था है। ये हमको 60 साल तक फिक्स करे और परमानेंट के बराबर सैलेरी दे। बता दें या कोई पहेली हड़ताल नहीं है इससे पहले भी पैरामेडिकल स्टाफ हड़ताल पर जा चुका है।