नूंह। कौराली और बड़वा गांव में बनाए जा रहे डंपिग स्टेशन के खिलाफ क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग एकजुट हैं। बृहस्पतिवार को बड़कालीमुद्दीन गांव में एक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग ले लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने आगामी रणनीति पर विचार किया। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि गुरुग्राम के कचरे के लिए बनाए जा रहे डंपिग स्टेशन को वे यहां किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
लोगों ने कहा कि हाल ही में कौराली व बड़वा गांव की कुछ जमीन को गुरुग्राम की किसी एजेंसी द्वारा एक वर्ष के लिए किराए पर लिया गया है। जहां पर कूड़े को एकत्रित किया जाएगा। इससे आने वाले समय में क्षेत्र के दर्जनों गांवों में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले के बारे में कई दिनों पहले नूंह विधायक आफताब अहमद ने भी अवगत कराया था। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष है। मेवात क्षेत्र देश के साथ प्रदेश में भी सबसे पिछड़ा है। जिले में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सहित हर क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है। मेवात में यूनिवर्सिटी की काफी लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन सरकार उनकी इस मांग पर कोई विचार नहीं कर रही है। बल्कि उल्टा जिले को कूड़ादान बनाने पर तुली हुई है। ऐसे में सरकार को डंपिग स्टेशन को छोड़कर जिले के विकास पर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर सभी की सहमति से शुक्रवार को उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के ज्ञापन सौंपकर डंपिंग स्टेशन का विरोध किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्य रूप से हाजी सोहराब पूर्व सरपंच, जम्मल पूर्व सरपंच, दीन मोहम्मद, वहीद कंकर खेड़ी, आलीजान सरपंच, इकबाल, उसमान, आसमोहम्मद, अलताफ पूर्व सरपंच, शौकत, शमसेर कौराली, हाजी फतेला व कासम पूर्व सरपंच रिठौडा, इस्लाम मेंबर, आसू पार्षद रेवासन, मम्मनद्दीन पूर्व सरपंच व दीना हिरमथला, हसन मोहम्मद रूपाहेड़ी, हाजी सद्दीक, आसमोहम्मद व फकरू सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।