नगीना। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ बड़कली चौक पर चल रहा धरना सोमवार को भी जारी रहा। 12वें दिन धरने को समर्थन देने पहुंचे हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीएए और एनआरसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एनआरसी लागू हुई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे। ऐसे में गरीब जनता कैसे नागरिकता साबित करेगी? उन्होंने बताया कि देश के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद तथा असम की पूर्व मुख्यमंत्री सैयदा अनवरा तैमूर और सेनाओं के पूर्व सैनिक भी अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा कि करीब 20 लाख लोग असम में एनआरसी से बाहर हुए उनमें 14 लाख हिंदू हैं। साफ हो गया है कि भाजपा सरकार हिंदुओं की हितैषी नहीं, केवल झूठ व नफरत की राजनीति कर रही है। असम में कई सौ करोड़ रुपये का खर्चा एनआरसी पर बंदरबांट हुआ। जनता ने बहुमत दिया था उस पर भाजपा खरा नहीं उतर रही। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि अब लाल किले से दिए पीएम मोदीजी के भाषण की अहमियत देश दुनिया में नहीं रही क्योंकि देश का गृहमंत्री ही उन्हें नहीं मानता? दिल्ली के विधानसभा चुनाव में देश का मिजाज पता चल गया और आने वाला वक्त भारतीय जनता पार्टी के लिए हार का होगा। बिहार के अलावा देश के चार पांच राज्य इस बात के जल्द गवाह बनेंगे। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर तंज कसते हुए पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि एनपीआर में ऐसे सवाल पूछे गए हैं जो बाप, दादा की नागरिकता पुछते है। नागरिकता संशोधन कानून में सभी धर्मों को नागरिकता देने का प्रावधान रखना चाहिए था लेकिन देश के सामने भारतीय जनता पार्टी का चेहरा सामने आ गया है। जो केवल हिंदू मुसलमान व पाकिस्तान की बात करते हैं। विकास के नाम पर देश में एक नई ईंट नहीं लगाई जा रही। मुसलमानों का देश निर्माण एवं आजादी के आंदोलनों में विशेष योगदान रहा हैं। बडकली चौक पर मेवात विकास सभा एवं मेवात आरटीआई मंच द्वारा 12 दिन धरने को समर्थन देते हुए पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि यह मुश्किल दौर है और इस आंदोलन में, मैं उनके साथ खड़ा हूं वह अपने आप को अकेला ने समझें। सांझी विरासत मंच के राष्ट्रीय संयोजक चौधरी अकबर कासमी ने धरने पर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि ये धरने प्रदर्शन हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल है और हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। मैं यहां बैठी माता बहनों, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अपना पूरा समर्थन देता हूं। कांग्रेस नेता इब्राहिम इंजीनियर, मेवात विकास सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलामुद्दीन एडवोकेट, मेवात आरटीआई मंच के चेयरमैन, इतिहासकार सद्दीक अहमद, समाजसेवी मौलाना साबिर, मुफ्ती नोमान, आलम गुम्मट, मुबारिक मांडीखेड़ा, मोहम्मद जावेद नगीना, नईम अख्तर के अलावा गांव से आए पंच, सरपंच, नंबरदार, महिलाएं और गणमान्य लोग काफी संख्या में धरने में मौजूद रहे।