अंबेडकरनगर। बीते छह नवंबर को जैतपुर के तिघरा गांव में हुई आजमगढ़ के अहरौला के हांसापुर निवासी प्राॅपर्टी कारोबारी राजकमल की हत्या के मामले में रविवार देर रात पुलिस ने शूटर सत्येंद्र यादव को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। सत्येंद्र यादव पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घटना में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी सोमवार को पुलिस ने दबोचा है। हालांकि, तीन मुख्य आरोपी अभी गिरफ्त से दूर हैं।
एसपी अभिजीत आर शंकर ने सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता कर बताया कि पूरे घटनाक्रम में रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया है। राजकमल ने करीब तीन वर्ष पहले राजकमल ने अपनी जमीन का सौदा काली प्रसाद जायसवाल और राम सिंह से किया था। राजकमल रुपये मांग रहा था, जो दोनों देना नहीं चाह रहे थे। राजकमल रुपये की मांग करने लगा तो उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। राजकमल को अपनी जान के खतरे का आभास हो गया था और वह आत्मरक्षा के लिए पिस्तौल खरीदना चाह रहा था।
छह नवंबर को राजकमल को अवनीश यादव निवासी हांसापुर ने फोन कर अहरौला बाईपास पर बुलाया था, इसके बाद घटनास्थल पर लाकर हत्या की थी। इसके लिए काली प्रसाद व रामसिंह उर्फ बड़े टिल्लू ने हत्या की योजना बनाई और अविनाश यादव व पंकज गिरी को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। इन दोनों ने अपने साथी प्रदीप यादव निवासी सुंदरनगर सहराजा पवई, शिव कुमार निवासी डडिया पवई व सत्येंद्र यादव उर्फ छोटू निवासी करमुल्लापुर जैतपुर को योजना में शामिल किया।
इन तीनों को पहले ही घटनास्थल अंबेडकरनगर के जैतपुर क्षेत्र में तिघरा गांव भेज दिया गया था, जबकि अविनाश पिस्टल दिलाने का झांसा देकर मृतक राजकमल को लेकर पहुंचा था। एसपी ने बताया कि सत्येंद्र के पास से घटना में प्रयुक्त किया गया .32 बोर देसी पिस्तौल, दो खोखा व एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने रविवार को अविनाश उर्फ अवनीश यादव, सोमवार को प्रदीप यादव व शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी पूर्वी श्यामदेव, सीओ प्रदीप सिंह चंदेल की अगुआई में पुलिस टीमें अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही हैं।
अवनीश से पूछताछ के बाद खुला मामला
मां तारा देवी ने एक करोड़ रुपये के लेनदेन के विवाद में हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें काली प्रसाद के अलावा रामसिंह, पंकज गिरी और अवनीश उर्फ अविनाश यादव ही नामजद थे। सबसे पहले पुलिस ने अविनाश यादव को गिरफ्तार किया और उसने पूरे मामले की परत दर परत खोल दी। सत्येंद्र के खिलाफ वर्ष 2023 में अहरौला थाने में डकैती का मुकदमा पहले से दर्ज है। हालांकि, अन्य के खिलाफ अभी आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
कम उम्र में प्रॉपर्टी का कारोबार बना राजकमल की हत्या की वजह
राजकमल अपने पिता रामजी यादव की मृत्यु के बाद मां तारा देवी व सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं बड़ी बहनों शशांक यादव व निसेतम का इकलौता सहारा था। परिवार के लोगों की उनसे काफी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं। कम उम्र में ही प्रॉपर्टी कारोबार करने के लिए राजकमल ने विपक्षी काली प्रसाद का साथ करना शुरू कर दिया। काली प्रसाद को राजकमल का अपने हक का पैसा मांगना इतना नागवार गुजरा की उसने अपने साथियों के साथ हत्या की साजिश रच डाली।
मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी।