एकेटेयू परिसर में जिला प्रशासन की ओर से समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के तहत विश्
लखनऊ। 2047 तक उत्तर प्रदेश को समर्थ व विकसित बनाने के लिए विषय विशेषज्ञों ने उद्यमियों से बुधवार को संवाद किया। गोमतीनगर के आईजीपी में उद्यमी, प्रबुद्धजनों व व्यवसायियों के साथ हुए संवाद में प्रो. विनय कुमार श्रीवास्तव ने कृषि आधारित उद्योगों के विकास और किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर दिया।
डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में विदेशों से कई उद्योग भारत में आ चुके हैं। ऐसे में उपभोक्ता आधारित अर्थव्यवस्था की बजाय उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती की ओर से एमएसएमई की इकाइयों के लिए पेपर वर्क कम करने की मांग की गई।
अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने वार्षिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बताया कि प्रदेश में 67% खरीद जेम पोर्टल के जरिये की गई है। इसमें भी 80 प्रतिशत खरीदारी एमएसएमई ने की है। सेवानिवृत्त आईपीएस एसएन साबत ने भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए 16-17% विकास दर हासिल करने और औद्योगिक विकास में 20-25% की वृद्धि को जरूरी बताया। सेवानिवृत्त आईएएस अनूप चंद्र पांडेय ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या दर को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डीएम विशाख जी ने सभी का आभार जताया।
एकेटेयू परिसर में जिला प्रशासन की ओर से समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के तहत विश्
एकेटेयू परिसर में जिला प्रशासन की ओर से समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के तहत विश्