पुलिसकर्मी लेते हैं तीन से पांच सौ तक की रिश्वत
एसपी ने बताया कि ये पूरा गोरखधंधा उन पुलिसकर्मियों की मदद से चल रहा है, जो कैदियों को पेशी पर लेकर आते हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह पुलिसकर्मियों को तीन सौ से लेकर पांच सौ तक की रिश्वत देते थे। इन पुलिसकर्मियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो कैदी जेल में ये नशे की खेप ले जातेे हैं उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।
जेल में बॉडी स्कैनर लगाने की करेंगे सिफारिश
एसपी ने बताया कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हो, इन पर रोक लगाने के लिए आला अधिकारियों को पत्र लिखकर जेल में बॉडी स्कैनर लगाने की सिफारिश की जाएगी, ताकि अगर कोई बंदी या कैदी कोई प्रतिबंधित वस्तु निगलकर ले जा रहा है तो उसका पता चल सके।
चार साल पहले ऐसे ही केस में हुई थी बंदी की मौत
एसपी ने बताया कि नशे का कारोबार कई वर्षों से चल रहा है। पड़ताल में ये भी पता चला है कि चार साल पहले इसी तरह निगलकर नशे की खेप ले जा रहेे एक बंदी की मौत हो गई थी। इससे लंबे समय से यह धंधा चलने की पुष्टि हो रही है।