पूरे वर्ष गुरु साहिब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे: रेखा गुप्ता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लाल किला मैदान में गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वीं शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू पहुंचीं। राष्ट्रपति ने गुरु साहिब को नमन किया और श्रद्धांजलि भी अर्पित की। समागम में राष्ट्रपति ने गुरु ग्रंथ साहिब के सामने माथा टेका और इस आयोजन पर अगाध श्रद्धा व्यक्त की। इस विशेष धार्मिक आयोजन में केंद्र सरकार के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, सिख समाज के गणमान्य लोग व भारी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित थे।
रेखा गुप्ता ने कहा, अंतिम दिन श्रद्धालुओं की अपार संख्या उन्हें भावुक कर रही हैं। दिल्ली के इतिहास में ऐसा आयोजन पहली बार हो रहा है, जहां तीन दिन तक लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भागीदारी की। रेखा गुप्ता ने कहा, दिल्ली सरकार, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सहयोग से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में गुरु साहिब की शिक्षाओं और उनके सद्भावना संदेश को आम जन तक पहुंचाने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित करेगी।
उन्होंने बताया कि गुरु साहिब के जीवन, आदर्शों और बलिदान को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने के लिए विशेष पुस्तकों का प्रकाशन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक ‘वन’ (फॉरेस्ट) विकसित किया जाएगा, जिसमें नए पौधे लगाए जाएंगे, जो भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के नाम से कई जनहित योजनाएं शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए सभी श्रद्धालुओं को हृदय से नमन किया। उन्होंने कहा, यह वही लाल किला है, जिसकी प्राचीन दीवारों ने औरंगजेब के अत्याचार और गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत का साक्षात्कार किया था। आज उसी पवित्र भूमि पर लाखों की संख्या में संगत एकत्र होकर गुरु साहिब को प्रणाम कर रही है, उनका स्मरण कर रही है। यह दृश्य स्वयं में एक आध्यात्मिकता और भावनात्मक एकता का प्रतीक है।
इससे पूर्व लाल किला पर चल रहे तीन दिवसीय समागमों के अंतिम दिन आज एक लाख से अधिक सहज पाठों की समूहिक रूप से सम्पन्नता की गई। समागम में तख़्त पटना साहिब के जत्थेदार भी विशेष रूप से शामिल हुए।