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Noida News: उच्च शिक्षा अब घर के पास

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उच्च शिक्षा अब घर के पास
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- जिले के पहले डिग्री कॉलेज में कई विषय में पीजी कोर्स शुरू करने की तैयारी
- शासन ने पीजी कोर्स शुरू करने के लिए सब्जेक्ट की मांगी लिस्ट
- अभी पीजी कोर्स में सिर्फ 60 सीटों पर एमए इकोनॉमिक्स व 20 सीटों पर एमएससी जुलॉजी में होती है पढ़ाई

नेहा शर्मा
नोएडा। शहर में रहने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा उनके घर के पास सरकारी कॉलेज में मिल सकेगी। सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जल्द ही बायोलॉजी, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, हिंदी, इंग्लिश समेत कई विषयों में पीजी कोर्स शुरू होने की तैयारी है। शासन से कॉलेज प्रशासन से विषयों की सूची मांगी गई है। इससे आगामी सत्र से इन कोर्सों के शुरू होने की उम्मीद मजबूत हो गई है।


फिलहाल कॉलेज में बीए, बीकॉम और बीएससी के साथ 60 सीटों पर एमए इकोनॉमिक्स व 20 सीटों पर एमएससी जूलॉजी की पढ़ाई चल रही है। ऐसे में अन्य विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के इच्छुक छात्रों को मजबूरी में दिल्ली या महंगे निजी कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। नए कोर्स शुरू होने से स्थानीय छात्रों को अपने ही शहर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
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ड्रॉप आउट होगा कम

इसका सबसे बड़ा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों को होगा। उन्हें अब बाहर रहने, कॉलेज के लिए दूर यात्रा करने और महंगी फीस का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और ड्रॉपआउट की समस्या भी कम होगी।


सीटें सीमित होने की वजह से नहीं मिल पाता दाखिला
दिल्ली विश्वविद्यालय में सीटें सीमित होने की वजह से सभी छात्रों को दाखिला नहीं मिल पाता है जिससे उनका एक साल तक खराब हो जाता है। अब स्थानीय स्तर पर ही पीजी की सुविधा मिलने से समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी। खासतौर पर छात्राओं के लिए यह पहल और भी राहत भरी है क्योंकि उन्हें दूर शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। अभी भी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पंजीकृत छात्रों में लड़कों की तुलना में लड़कियों का आंकड़ा ज्यादा है।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नए कोर्स शुरू होने से न केवल छात्रों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि शिक्षण स्तर और संसाधनों में भी सुधार होगा। इससे कॉलेज की पहचान एक मजबूत शैक्षणिक केंद्र के रूप में और स्थापित होगी।
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इस मुद्दे को स्थानीय विधायक पंकज सिंह ने गंभीरता से उठाया था और शासन को पत्र लिखकर नए कोर्स शुरू करने की मांग की थी। इसके बाद शासन स्तर से विषयों की सूची मांगी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले सत्र से छात्रों को अधिक विषयों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
-प्रो. अनिता मिश्रा, प्रिंसिपल, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
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