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Noida News: सेफ सिटी परियोजना को फिर से धरातल पर उतारने की तैयारी

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इससे पहले अप्रैल 2025 में प्राधिकरण ने जारी किया था टेंडर, नवंबर में किया रद्द
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आज जारी होगा आरएफपी, अभी नोएडा में है आईटीएमएस, ग्रेनो में प्रस्तावित
नंबर गेम- 212 करोड़ रुपये लागत अनुमानित
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नोएडा प्राधिकरण सेफ सिटी परियोजना को फिर से धरातल पर उतारने की तैयारी में है। इसके तहत करीब 212 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कई विकास कार्य किए जाएंगे। शहर में 2100 कैमरे लगाने के साथ निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 13 थानों में स्क्रीन लगाकर भी निगरानी का विकल्प प्राथमिक स्तर पर पुलिस को दिया जाना है। इसके अलावा कई कार्य किए जाएंगे। परियोजना में एजेंसी चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी करने की मंजूरी प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने दे दी है। बुधवार को आरएफपी जारी हो जाएगी।
प्राधिकरण ने परियोजना का प्रारूप कमिश्नेरट पुलिस के साथ मिलकर तैयार किया है। इसमें उन जगहों को कैमरे लगाने के लिए चुना गया है जहां पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) में कैमरा नहीं लगा था। खासकर ये कैमरे स्कूल, कॉलेज, बाजार, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों और अपराध के हॉटस्पॉट पर लगाए जाएंगे। 561 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 100 सड़कें भी शामिल हैं जहां पहले सीसीटीवी नहीं थे। इसके पहले अप्रैल 2025 में प्राधिकरण ने परियोजना का टेंडर जारी किया था लेकिन फिर 7 महीने बाद नवंबर में रद्द कर दिया गया था। प्राधिकरण इंजीनियरों का कहना है कि इस बार अत्याधुनिक तकनीक के कैमरों का चयन किया गया है।
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ग्रेनाे और नोएडा को जोड़ने की होगी व्यवस्था
करीब 65 करोड़ रुपये से नोएडा में स्थापित आईटीएमएस में पूरे शहर में 1065 कैमरे लगे हुए हैं। सेक्टर-94 में कंट्रोल रूम है। ग्रेटर नोएडा में भी आईटीएमएस परियोजना प्रस्तावित है। नोएडा में सेफ सिटी परियोजना का अलग कंट्रोल रूम होगा। अगर कभी नोएडा-ग्रेटर नोएडा की निगरानी की एक साथ जरूरत पड़े तो पुलिस, प्रशासन या किसी एजेंसी को अलग-अलग स्क्रीन या कंट्रोल रूम में नहीं जाना होगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि सेफ सिटी में नोएडा व ग्रेटर नोएडा के आईटीएमएस को साथ में जोड़ने का प्रावधान किया जा रहा है। ऐसा होने पर एक स्क्रीन से निगरानी के साथ सूचना भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये जारी की जा सकेगी।
ये कार्य किए जाएंगे
कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इसमें एक छोटी डिजिटल फॉरेंसिक लैब भी बनेगी।
पैन टिल्ट जूम (पीटीजेड) 406 कैमरे लगवाए जाएंगे। इनके जूम करने की क्षमता 30 एक्स होगी।
100 सड़कों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे लगवाए जाएंगे।
1546 फिक्स बुलेट सर्विलांस कैमरे लगवाए जाएंगे।
ऑप्टिकल फाइबर का 250 किलोमीटर का नेटवर्क बिछेगा।
20 साइन बोर्ड, 418 पब्लिक एड्रेस सिस्टम और 147 पैनिक बटन कॉल बॉक्स लगाए जाएंगे।
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