फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: कूड़ा उठाने वाली एजेंसी बीच में हटाने की तैयारी, नई व्यवस्था बनेगी

विज्ञापन
विज्ञापन
कूड़ा उठाने वाली एजेंसी बीच में हटाने की तैयारी, नई व्यवस्था बनेगी
विज्ञापन

-शहर की सफाई व्यवस्था चौपट होने पर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने लिया फैसला, अब दो एजेंसियों को दिया जाएगा काम

-मौजूदा एजेंसी के साथ दिसंबर-2018 में 10 साल के लिए हुआ था करार, लेकिन प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग की लचर निगरानी से बिगड़े हालात

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। शहर में दरवाजे-दरवाजे जाकर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी पर नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियर प्रभावी निगरानी नहीं कर पाए। इसलिए कूड़ा उठाने की व्यवस्था सफल नहीं हो पा रही है। लचर व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की बार-बार हड़ताल को देखते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों ने एजेंसी को करार समय से पहले ही हटाने का निर्णय लिया है। फिर नई व्यवस्था में पूरे शहर में 5-5 वर्क सर्कल पर एक-एक एजेंसी रखने की तैयारी है। नई रखी जाने वाली एजेंसियों के लिए सेक्टर के साथ हर गांव की हर गली के अंतिम मकान तक से कूड़ा उठवाने की शर्त होगी। संकरी गलियों में मोटर साइकिल से कूड़ा लेने की व्यवस्था एजेंसी को बनानी होगी।



मौजूदा समय में पूरे शहर से दरवाजे-दरवाजे कूड़ा उठवाने का काम एजी एन्वायरो एजेंसी कर रही है। एजेंसी के साथ नोएडा प्राधिकरण का करार दिसंबर-2018 में 10 साल के लिए हुआ था। एजेंसी को कूड़ा उठाने से लेकर सेक्टर-145 बायोरेमिडेशन प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्राधिकरण ने दी हुई है। मौजूदा समय में एजेंसी की 225 गाड़ियां कूड़ा उठाने के लिए शहर में निकलती हैं। लेकिन किसी न किसी हिस्से से कूड़ा गाड़ी न पहुंचने की शिकायत हर दिन प्राधिकरण को मिलती है। देरी होने पर लोग कूड़े को नजदीकी जगहों पर खुले में फेंकने लगते हैं। मौजूदा समय में एजेंसी के कामकाज की निगरानी का जिम्मा सभी 10 वर्क सर्कल में बंटा हुआ है। लेकिन कूड़ा उठाने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए इनमें से कुछ एक को छोड़कर बाकी की तरफ से ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ एजेंसी पर समीक्षा में प्राधिकरण कई बार कम वाहन निकालने, वाहन खराब दिखाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाता रहता है। पूर्व में एजेंसी ने काम करने में असमर्थता जताते हुए सरेंडर करने का पत्र भी दिया था। लेकिन प्राधिकरण ने उसे स्वीकार नहीं किया था। एजेंसी को मौजूदा समय में औसत 3.5 से 4 करोड़ रुपये महीने का भुगतान प्राधिकरण कर रहा है।
विज्ञापन




नई एजेंसी रखी जाने से वित्तीय भार प्राधिकरण पर पड़ेगा-

तय समय से पहले मौजूदा एजेंसी हटाए जाने पर वित्तीय भार प्राधिकरण पर बढ़ेगा। कारण एजेंसी के साथ प्राधिकरण ने 2018 में उस समय की दर 1440 रुपये प्रति मीट्रिक टन कूड़े को घरों, बाजार व कंपनी से लेने से लेकर निस्तारण स्थल तक पहुंचाने का करार किया था। मंहगाई वृद्धि की शर्त भी करार में शामिल थी। इस हिसाब से भी अब प्राधिकरण करीब 1850 रुपये प्रति मीट्रिक टन का भुगतान कर रहा है। वहीं मौजूदा समय पर नए सिरे से आकलन में तय होने वाली नई दरें 2000 रुपये के ऊपर रहने का अनुमान है। वहीं एजेंसी को यह फायदा होगा कि वह दोबारा से नए टेंडर में शामिल हो सकेगी।
विज्ञापन


कोट-

शहर में कूड़ा उठाए जाने की व्यवस्था ठीक स्थिति में नहीं है। एजेंसी को इसके लिए कई बार चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए लेकिन सुधार नहीं दिखा है। इसलिए एजेंसी को आगे हटाकर पूरे शहर में दो एजेंसी रखने का निर्णय लिया गया गया है। - कृष्ण करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें