संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरस्वती चीनी मिल में गन्ने की पेराई के लिए तैयारी शुरू हो गई है। मिल में मशीनरी की साफ सफाई व मरम्मत का कार्य जोरों पर चल रहा है। शुगर कब चलेगा फिलहाल इसकी तारीख तय नहीं हो पाई है। फिर भी माना जा रहा है कि शुगर मिल 18 नवंबर को चल सकता है।
मिल की परंपरा रही है इसमें हर बार पेराई सत्र मंगलवार को ही शुरू होता है। तारीख फाइनल करने के लिए जल्द ही शुगर मिल मैनेजमेंट की बैठक होगी। गत वर्ष 140 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई मिल में हुई थी। वहीं मिल प्रबंधन ने 160 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य रखा था। मिल के चलने का इंतजार यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अंबाला के गन्ना उत्पादक करीब 22 हजार किसानों को है।
पिछले साल शुगर मिल 12 नवंबर को चली थी। वहीं, 2023 में मिल का पेराई सत्र 31 अक्तूबर को शुरू हुआ था। पेराई के लिए सरस्वती शुगर मिल में मरम्मत का कार्य जोरों पर चल रहा है। शुगर मिल में यमुनानगर के अलावा कुरुक्षेत्र व अंबाला जिले के किसान भी गन्ना डालते हैं।
हरियाणा सरकार ने सीजन के लिए गन्ना मूल्य 415 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हर बार की तरह गन्ने की खरीद के लिए मिल मैनेजमेंट इस बार भी 45 खरीद केंद्र बना सकता है। किसान अपना गन्ना ट्रालियों के माध्यम से खरीद केंद्रों पर डालेंगे। खरीद केंद्र से शुगर मिल अपने वाहनों में गन्ने को मिल तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा किसान सीधे शुगर मिल में भी गन्ना डाल सकेंगे।
पेराई की जल्द तय होगी तारीख : डीपी सिंह
सरस्वती शुगर मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि पेराई सीजन आरंभ करने से पहले मिल की पूरी तैयारी हो चुकी है। इसके लिए ट्रायल किए जा रहे हैं। इस सीजन में किसानों को यार्ड में कम से कम समय लगे इसके लिए मिल द्वारा एडवांस टोकन प्रणाली लागू रहेगी। जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार स्वयं टोकन नंबर व लाइन ले सकते हैं ताकि कम से समय में गन्ना सप्लाई कर सके। जल्द ही शुगर मिल चलाने की तारीख फाइनल कर दी जाएगी।