ईईएसएल का कहना है कि अब कई कंपनियां अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल कर रही हैं। इसमें ट्रिपल ई और ब्लू स्मार्ट ने कस्टमर के लिए यह सेवा प्रदान करना शुरू कर दिया है। कुछ चर्चित कैब सर्विसेज की ओर से इस तरह के वाहनों को भेजना शुरू कर दिया गया है।
मार्च 2020 तक लगेंगे 100 चार्जिंग स्टेशन
नोएडा में प्राधिकरण और ईईएसएल के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत ईईएसएल को 100 चार्जिंग स्टेशन लगाने हैं और इसके लिए मार्च 2020 तक का लक्ष्य रखा गया है। यहां करीब 1000 वाहनों को चार्जिंग का फायदा मिलेगा। अभी फिलहाल 2 चार्जिंग स्टेशन नोएडा में लगाए गए हैं और 10 अन्य चार्जिंग स्टेशन के लिए सर्वे का काम चल रहा है।
2030 तक 30 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का लक्ष्य
बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ओर से 2030 तक 30 प्रतिशत वाहनों को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना लक्ष्य है। इसमें पहले चरण में कमर्शियल वाहनों से ही शुरूआत करने की योजना है।
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम शुरू हो चुका है। वहीं नोएडा में भी इसका खाका तैयार कर काम शुरू किया गया है। वहीं ईईएसएल के अधिकारियों का कहना है कि चार्जिग स्टेशन का पूरा एक नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में तैयार करने की योजना है।
13 प्रतिशत पैसेंजर व्हीकल भी होंगे टारगेट पर
देशभर में कुल वाहनों के करीब 13 प्रतिशत पैसेंजर व्हीकल हैं, जिनको इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की योजना बनाई जाएगी। इसमें बसों के अलावा अन्य वाहन शामिल हैं। हालांकि अभी बड़े वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किए जाने हैं।
एक्सप्रेसवे और हाइवे पर चार्जिंग स्टेशन की कवायद
एक्सप्रेसवे और हाइवे पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाने की कवायद चल रही है। इसके तहत ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के अंतर्गत अस्सार की ओर से कोशिश की जा रही है। नेशनल हाइवे इलेक्ट्रिक व्हीकल अस्सार के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा ने बताया कि अभी तक 11 कंपनियों के साथ एमओयू साइन हुआ है। फंडिंग के लिए रिसर्जेंट इंडिया के साथ एमओयू साइन किया है।