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Noida News: सूने मकानों के शिकारी सलाखों के पीछे

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सूने मकानों के शिकारी सलाखों के पीछे
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बंद घरों और पीजी में चोरी करने वाले सागर पंजाबी गैंग का पर्दाफाश
पुलिस ने गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया, दो नाबालिग संरक्षण में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने दोपहिया वाहन और मोबाइल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए कुख्यात सागर पंजाबी गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है, वहीं दो नाबालिग को संरक्षण में लिया है।
गैंग का सरगना सागर पंजाबी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि यह गिरोह चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करता था। आरोपी यह देखते थे कि किस घर में लंबे समय से ताला लगा है, किस पीजी का मुख्य गेट रात में खुला रहता है और किस स्थान पर दोपहिया वाहन बिना सुरक्षा के खड़े हैं। मौका मिलते ही गिरोह के सदस्य कुछ ही मिनटों में चोरी कर अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान दानिश, अप्पू उर्फ संदीप, विकास, साहिल उर्फ शुभम, शरद सिंह देव और सूरज कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। दो आरोपी नाबालिग हैं। सभी आरोपी मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं और नोएडा में किराये पर रहकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल, तीन चाकू और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इनसे अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है ताकि पुराने मामलों का खुलासा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में है। एनसीआर में भी ये आरोपी सक्रिय हैं।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन सागर पंजाबी करता है। वह पूरे नेटवर्क की निगरानी करता है। वहीं इसके बाद विकास का अहम रोल रहता था। चोरी के दौरान यदि कोई व्यक्ति विरोध करता था तो आरोपी चाकू दिखाकर उसे धमका देते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कई सदस्य पहले भी जेल जा चुके हैं और उनके खिलाफ नोएडा के विभिन्न थानों में कई प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार अधिकांश आरोपी नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने चोरी को कमाई का जरिया बना लिया था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि चोरी की बाइक और मोबाइल कहां बेचे जाते थे और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
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कई आरोपियों पर पहले से दर्ज है प्राथमिकी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संदीप उर्फ अप्पू और विकास पर पांच-पांच, साहिल उर्फ शुभम पर छह तथा सूरज कुमार गुप्ता पर तीन प्राथमिकी दर्ज हैं। चारों आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि फरार सरगना सागर उर्फ पंजाबी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। उसके पकड़े जाने के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों तक भी पहुंचने की कोशिश की जाएगी। इस गिरोह के सभी आरोपी कम पढ़े लिखे हैं। दानिश पांचवीं तक पढ़ा है और होटल में सफाई का काम करता था। संदीप उर्फ अप्पू अनपढ़ है और ई-रिक्शा चलाता था। विकास ने पांचवीं तक पढ़ाई की है। साहिल उर्फ शुभम अट्टा मार्केट की कपड़े की दुकान पर काम करता था और पांचवीं तक पढ़ा है। शरद सिंह दूसरी कक्षा तक पढ़ा है तथा दिल्ली के करोल बाग स्थित कपड़े की दुकान में काम करता था। सूरज कुमार गुप्ता दसवीं पास है और अट्टा मार्केट में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर काम करता था।
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