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Noida News: समय रहते भरे नहीं गए गड्ढ़े, उखड़ने लगी सड़कें

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-शहर में कई जगहों पर सड़कें उखड़ने से गिट्टी-बजरी फैली, लोगों का निकल पाना हो रहा मुश्किल

-प्राधिकरण रिसर्फेसिंग दूर मरम्मत भी नहीं करवा रहा है, 300 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर के बाद भी सुधरी नहीं सड़कें

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की चौड़ी और बेहतर सड़कों की तस्वीर मानसून में जगह-जगह बदहाल हो गई है। बारिश से पहले नोएडा प्राधिकरण सड़कों के गड्ढे भरने में नाकाम रहा। बारिश के बाद इन्हीं गड्ढों में पानी भरने से वाहनों के दबाव में सड़कें उखड़ने लगीं। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत में बिटुमिन के साथ बिछाई गई गिट्टी-बजरी बिखर गई है। हालात यह हैं कि कई जगह सड़क पर फैली गिट्टी-बजरी को झाड़ू लगाकर एकत्र किया जा सकता है। इससे वाहन चालकों, खासकर दोपहिया सवारों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है।

सेक्टर-39 पीजी कॉलेज के सामने सड़क उखड़ी
सेक्टर-39 स्थित पीजी कॉलेज के मुख्य गेट के सामने सड़क की हालत खराब है। सड़क पर दूर तक गिट्टी-बजरी फैली हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां पहले से गड्ढे थे, जिन्हें समय रहते ठीक नहीं कराया गया। कॉलेज में आने-जाने वाले विद्यार्थियों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा बना रहता है।
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सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने के सामने गड्ढे
मास्टर प्लान रोड भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। मास्टर प्लान रोड-2 पर सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने के सामने कई गड्ढे हैं और सड़क का बड़ा हिस्सा उखड़ा हुआ है। यहां से सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कई स्थानों पर सड़क टूट चुकी है। बारिश के दौरान इन जगहों पर पानी भरने से समस्या और बढ़ जाती है।

शिल्पहाट के सामने सड़क पर गहरे गड्ढे
सेक्टर-33ए स्थित शिल्पहाट मैदान के सामने सेक्टर-52ए एडोबी अंडरपास से सेक्टर-32 सिटी सेंटर अंडरपास की ओर जाने वाली सड़क के दोनों तरफ कई हिस्से टूटे और उखड़े हुए हैं। अंडरपास के ऊपर से गुजरने वाले मार्ग पर कई गहरे गड्ढे भी हैं। यहां तेज रफ्तार वाहनों के बीच दोपहिया चालकों को संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है।

रिसर्फेसिंग दूर, गड्ढों की मरम्मत भी नहीं
नोएडा प्राधिकरण ने फरवरी से शहर की सड़कों की रिसर्फेसिंग के लिए करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर किए हुए हैं। टेंडर के बाद कुछ समय तक ठेकेदारों की ओर से वैश्विक युद्ध समेत अन्य कारणों का हवाला देकर काम शुरू नहीं किया गया। अब बारिश को वजह बताते हुए रिसर्फेसिंग का काम आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा है। प्राधिकरण ने काम 30 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

रिसर्फेसिंग शुरू नहीं होने के बीच सबसे बड़ी परेशानी यह है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत भी नहीं हो रही है। गड्ढे जस के तस हैं और उखड़ी सड़क से निकली गिट्टी-बजरी भी कई जगह नहीं हटाई गई है। इससे वाहन चालकों के लिए सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है।
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सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी सड़कों को भी चिन्हित करवाया जा रहा है जो समय से पहले टूटी हैं, उनमें पुराने संविदाकार से ही मरम्मत करवाई जाएगी।- एस पी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण।
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