जांच में बच्ची के छाती, गर्दन समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। कई जगह नाखून से नोचने के निशान भी पाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में निजी अंगों पर गंभीर चोट और अंदरूनी हिस्से में चोट के निशान का भी उल्लेख किया गया है। यह चोटें जबरदस्ती और हिंसक यौन उत्पीड़न की ओर इशारा करती हैं। गर्दन की मांसपेशियों और आसपास के हिस्से में रक्तस्त्राव के संकेत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि गला काफी जोर से दवाया गया था।
मौत का कारण गला दबाए जाने से दम घुटना बताया गया है। बच्ची के छाती और गर्दन पर भी चोट के निशान मिले हैं। यह दांत से काटने के निशान बताए गए हैं। आरोपी ने दरिंदगी के दौरान बच्ची को डराने और काबू में रखने के लिए अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया।
गला दबाकर की हत्या
पोस्टमॉर्टम टीम के अनुसार शरीर पर मिले खरोंच, नाखूनों के निशान और अन्य चोटें इस ओर संकेत करती हैं कि बच्ची ने खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया था। आरोपी ने उसे कसकर पकड़ लिया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की।
इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। डॉक्टरों के मुताबिक शव जब पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया तो उसकी स्थिति बेहद खराब थी। डॉक्टरों ने उसके पेडोफिलिया से ग्रसित होने की संभावना से इंकार नहीं किया है।