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Noida News: बढ़ते गए पॉल्यूशन जांच केंद्र, घट गए जांच कराने वाले

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बढ़ते गए पॉल्यूशन जांच केंद्र, घट गए जांच कराने वाले
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- कार्रवाई में लापरवाही सर्दियों में पड़ रही भारी, अब झेल रहे परेशानी


माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। जिले में पॉल्यूशन जांच केंद्र तो बढ़ते गए लेकिन प्रदूषण की जांच कराने वाले लोगों की संख्या में लगातार कमी आई है। अक्तूबर 2022 से 2023 के बीच जिले में कुल 40 नए जांच केंद्र खुले हैं। वहीं, इस दौरान पॉल्यूशन की जांच नहीं कराऩे वाले लोगों की संख्या 54 हजार रही है। जबकि वर्ष 2021-22 में 16 जांच केंद्र थे तब 26 हजार लोगों ने प्रदूषण की जांच नहीं कराई थी। प्रदूषण की जांच कम होने से शहर की हवा भी दूषित हो गई है। जबकि कार्रवाई के नाम पर इस वर्ष 6000 चालान किए गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार वाहनों से निकलने वाले धुएं से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है। ऐसे में वाहनों का समय पर पॉल्यूशन जांच नहीं कराना घातक साबित होता है। नोएडा का प्रदूषण स्तर ऑरेंज तो ग्रेनो का रेड जोन में प्रवेश कर चुका है। ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढे़गा। जिले में कुल 1.56 लाख वाहन ऐसे हैं जो बिना प्रदूषण जांच के ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। वहीं, 1.80 लाख वाहन ऐसे हैं जो 10 व 15 साल की समय अवधि पूरी कर चुके हैं। ऐसे में तीन लाख से अधिक वाहन जिले की हवा को दूषित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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सेहत के लिए खतरा बनी हवा
भारतीय विषविज्ञान शोध संस्थान की एनवायरमेंटल डिवीजन से सेवानिवृत्त प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एससी बर्मन ने बताया कि पहले के मुकाबले वाहनों के इंजन अब और भी ज्यादा परिष्कृत हो गए हैं। इस वजह से वाहनों के धुएं के साथ निकलने वाले अतिसूक्ष्म कण हवा में घुल रहे हैं। इन कणों का साइज पीएम 2.5 से भी कम होता है जोकि सांस लेने पर सीधे फेफड़ों में पहुंचकर ऊतकों के संपर्क में आ जाते हैं। इससे कैंसर होने के साथ इम्यून सिस्टम कमजोर होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर बच्चों के लिए यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि टायर घिसने की वजह से भी पैदा हुए पार्टिकल्स प्रदूषण का कारण बन रहे हैं। इससे आंखो समेत त्वचा संबंधी परेशानियों का सामना भी लोगों को करना पड़ रहा है।
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कोट्
परिवहन विभाग और यातायात विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे वाहनों का संचालन जिले में ना हो सके। यदि ऐसा होता है तो इन वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
सियाराम वर्मा, एआरटीओ
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