ईंट भट्ठा से फैल रहा प्रदूषण, उपायुक्त से शिकायत
नूंह। टांई निवासी खातूनी पत्नी यामीन ने शुक्रवार को भट्ठा से फैल रहे प्रदूषण की शिकायत उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा से की और न्याय की गुहार लगाई। खातूनी ने बताया कि भट्ठे में कई तरह की गतिविधियां होने से उनके घरों पर निरंतर मिट्टी के अवशेष आ रहे हैं। उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन पर मछली पालन किया है। प्रदूषण के कारण उनकी मछलियां मर रही हैं।
उन्होंने बताया कि वह गांव के पास अपने खेतों में साल 1999 से रह रही हैं। उनके अलावा कई परिवारों के दर्जनों सदस्य भी हैं। करीब 6 साल पहले उनके घरों के पास एक ईंट भट्ठा खोला गया था। उस समय मालिक ने बिजली से भट्ठा चलाने की बात कही थी, जिससे लोगों को प्रदूषण से परेशानी नहीं होगी। मालिक ने बिजली से भट्ठा चलाने का लाइसेंस भी बनवाया, लेकिन भट्ठे पर वर्षों से रबड़ सहित अन्य केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं। इस कारण वहां पर रह रहे लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद भट्ठा का लाइसेंस जिले के तत्कालीन उपायुक्त ने रद्द कर दिया था, लेकिन भट्ठा मालिक ने दोबारा लाइसेंस बनवा लिया। हालांकि, भट्ठा अभी चल नहीं रहा है। लेकिन, कई तरह की गतिविधियां होने से उनके घरों पर भट्ठे से निरंतर मिट्टी के अवशेष आ रहे हैं। भट्ठे से 190 मीटर की दूरी पर ही 220 केवीए का ट्रांसफार्मर है। नियमों के अनुसार, यह दूरी 600 मीटर होनी चाहिए। उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन पर मछली पालन किया है, जिससे उनकी मछलियां मर रही हैं। इसके लिए नूंह एसडीएम को भी 133 के तहत मुकदमा दर्ज कराने की शिकायत दी है। उन्होंने उपायुक्त से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, भट्ठा मालिक साजिद ने बताया कि उनके खिलाफ खातूनी और उनके पति यामीन ने गलत शिकायत दी है। अभी भट्ठे को चालू भी नहीं किया गया है। उन्होंने पुराने मालिक से भट्ठा लिया है।