गोवर्धन चौराहा ओवर ब्रिज पर धुंध में होकर गुजरते वाहन। संवाद
मथुरा। जिले में हवा दिवाली वाले दिन से ज्यादा खराब रही। 22 अक्तूबर को एक्यूआई 165 दर्ज किया गया था। बुधवार को मथुरा-वृंदावन में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 170 दर्ज किया गया। यह सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। तापमान गिरने के कारण हवा प्रदूषित होती जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। दिन के समय धूप निकलने के साथ सुबह और शाम को मौसम पूरी तरह से करवट बदल रहा है। ऐसे में न्यूनतम तापमान के साथ-अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। इसके असर से बुधवार को प्रदूषण का स्तर हानिकारक श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि बीते दिनों से मौसम में बदलाव हो रहा है। तापमान के घटने से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। संवाद
पराली जलाने पर रोक नहीं, निर्माण स्थलों पर उड़ रही धूल
जिले के ग्रामीण अंचल में जहां अब भी पराली को खुले में जलाने की घटनाएं हो रही हैं। इस साल मथुरा में सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले हुए थे। वहीं शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान भी प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नहीं किए गए हैं। होली गेट से लेकर पुराने बस स्टैंड तक सड़क निर्माण के कार्य में पूरे दिन धूल उड़ रही है। इसी तरह सर्किट हाउस सहित कई अन्य स्थानों पर चल रहे कार्यों में भी पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।