नूंह शहर में गांधी पार्क के पास जलाया जा रहा कूड़ा।
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नूंह(अंतराम खटाना)। शहर में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के निर्देशों की अनदेखी कर खुले में कई जगहों पर कूड़ा जलाया जा रहा है। नगरपालिका के सफाई कर्मचारी कूड़े को उठाने के बजाए उन्हें एक जगह इकट्ठा कर खुले में जला रहे हैं। इससे शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। धुएं के कारण कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और दमा के मरीजों को हो रही है।
शहरवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार शिकायत दी है, लेकिन इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 13 वार्डों में बसे करीब 25 हजार लोग प्रदूषित वातावरण में जीने को मजबूर है। शहर के मेडिकल रोड, जोगीपुर रोड के अलावा स्थानीय गांधी पार्क के करीब लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। लोगों के मुताबिक दमा, खांसी सहित अन्य रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। दुकानदार भी दुकानों के सामने पॉलिथीन सहित अन्य कूड़े को जलाकर प्रदूषण के स्तर को बढ़ा रहे हैं। वहीं इस बारे में नूंह के एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा किजरूरी कदम उठाए जाएंगे। कूड़ा जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
सफाई के दौरान सड़कों और गलियों से निकलने वाले कूडे़ को नगरपालिका के सफाई कर्मचारी जला देते हैं। इससे निकलने वाले धुएं से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - दीपक साहू।
पहले कर्मचारियों द्वारा नियमित सफाई नहीं किए जाने से सभी परेशान थे, वहीं अब कर्मचारी कूड़े को इकट्ठा कर खुले में जला रहे हैं। इससे लोगों को बीमारी होने का अंदेशा है। - अख्तर चंदेनी।
प्रदेश सरकार द्वारा कूड़े को नहीं जलाने की हिदायतों के बावजूद कर्मचारी खुले में कूड़ा जला रहे हैं। मना करने के बावजूद भी वे सभी अपनी मनमानी कर रहे हैं। - ज्ञानचंद आर्य समाजसेवी।
सुबह-सुबह कर्मचारियों द्वारा कूड़े जलाने पर काफी मात्रा में धुआं निकलाता है। इससे सुबह की सैर के दौरान परेशानी होती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। - सद्दाम पार्षद, वार्ड नंबर दो।