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Noida News: सीज गाड़ियों के भी बना दिए प्रदूषण प्रमाणपत्र

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सिपाह सत्यम होटल के बगल पूर्वांचल प्रदूषण केंद्र से बना प्रमाण - फोटो : संवाद
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जौनपुर। जनपद में अगर आपको वाहन के प्रदूषण मुक्त होने का प्रमाण पत्र बनवाना है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए बिना गाड़ी के ही किसी को भेजकर मुंहमांगी कीमत देकर प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। जनपद में यह कार्य धड़ल्ले से हो रहा है। जिम्मेदार भी इसे लेकर आंखें मूंदे हुए हैं। यहां थाने में सीज हुईं गाड़ियों तक का प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी कर दिया जा रहा है।
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नया मोटर वाहन एक्ट लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र की खामियों को दुरुस्त कराने वालों की संख्या बढ़ी है। जुर्माने से बचने के लिए लोग कागजात की कमी को पूरा कराने के लिए संबंधित दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। क्योंकि बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के गाड़ी पाए जाने पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसे में वाहनों में प्रदूषण का स्तर तय मानक के नीचे होने का प्रमाण पत्र बनवाने की होड़ मची है। जनपद में 21 संस्थाओं को वाहनों के पाल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन, पड़ताल में यह बात सामने आई कि यहां बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। एआरटीओ के अधीन संचालित इन संस्थाओं ने ऐसे वाहनों का भी प्रदूषण मुक्त प्रमाण पत्र बना दिया है, जो थाने में सीज हैं। ज्यादा शुल्क लेकर बिना किसी जांच के ही प्रमाण पत्र जारी कर दिया जा रहा है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इस अनियमितता के प्रति जिम्मेदार भी मूकदर्शक बने हुए हैं। कार्रवाई के लिए शायद उन्हें शिकायत का इंतजार है
केस एक : जलालपुर थाना अंतर्गत इजरी स्थित शनि प्रदूषण जांच केंद्र से 16 सितंबर को प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जबकि जिस वाहन (UP50An6068) का प्रमाण पत्र जारी किया। पिछले एक माह से गौराबादशाहपुर थाने पर सीज है।
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केस दो : 17 सितंबर को मछलीशहर में रोडवेज के पास श्रीराम गाड़ी इंश्योरेंस सेंटर से एक मोटर साइकिल (UP62CF0872) का प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी किया गया। यहां संचालक ने पूछा गाड़ी कहां है। फिर दोगुने शुल्क की मांग करने लगा और सुजानगंज थाने में सीज वाहन का प्रमाण पत्र बना दिया।

केस तीन : सिपाह स्थित पूर्वांचल प्रदूषण सेंटर से 18 सितंबर को सुजानगंज थाने में कई माह से बंद बाइक (UP44AE1788) का प्रदूषण प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
केस चार : पॉलिटेक्निक चौराहे से सटे बाबा मोटर ट्रेनिग सेंटर से 18 सितंबर को प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी किया गया। जबकि जिस बाइक (UP62AJ9231) का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाया गया, वह लाइन बाजार थाने के बाहर दुर्घटना के बाद से खड़ी है।
बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों पर दस हजार रुपये जुर्माना लगाने का नियम है। पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए वाहन को केंद्र तक लाना और जांच कराना जरूरी है। बिना इसके प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता। अगर ऐसे किसी वाहन को प्रमाण पत्र दिया गया है तो पूरी तरह गलत है। जांच कर संस्था के खिलाफ कार्रवाई होगी। - सत्येंद्र कुमार सिंह, एआरटीओ
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