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धरनारत भाकियू कार्यकर्ताओं से पुलिस की नोकझोंक

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जेवर। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ बृहस्पतिवार को यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल पर शुरू हुआ भाकियू का धरना पुलिस-प्रशासन से नोकझोंक के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस-प्रशासन की टीम टोल पर बैठे यूनियन के कार्यकर्ताओं को उठाकर गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस दौरान बड़ी संख्या में गिरफ्तारी देने के लिए कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। नोकझोंक के बाद दांव उलटा पड़ता देख टीम ने कार्यकर्ताओं को टोल पर ही धरना देने की मंजूरी दे दी।
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल पर भारतीय किसान यूनियन के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। बृहस्पतिवार सुबह कुछ विवाद के बाद इन्हें टोल के बीच में बंद पड़े एक टोल पर धरना देने की इजाजत दी गई थी। सुबह करीब 40 की संख्या में कार्यकर्ता थे, रात होते-होते इनकी संख्या दस से कम हो गई।
बृहस्पतिवार रात पुलिस और प्रशासन की टीम यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल पर धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को टोल से हटाने के लिए यमुना पहुंच गई। पुलिस-प्रशासन की टीम ने भाकियू कार्यकर्ताओं से टोल खाली कर गिरफ्तारी देने के लिए कहा और कार्यकर्ताओं को जेवर कोतवाली ले आई। इस पर कार्यकर्ताओं ने जेवर सहित आसपास के गांव में फोन कर नेताओं और कार्यकर्ताओं को सूचना दी। रात में ही बड़ी संख्या में यूनियन कार्यकर्ता जेवर कोतवाली पर गिरफ्तारी देने के लिए पहुंच गए, जिसके बाद बैकफुट पर आए पुलिस और प्रशासन ने किसानों को वापस टोल पर शांतिपूर्ण धरना देने के लिए भेज दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने जबरदस्ती धरने को समाप्त कराने का प्रयास किया था लेकिन किसानों की एकजुटता के बाद पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आया। उन्होंने कहा कि धरना अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।
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