दादरी। साढ़े तीन साल के मासूम दक्ष लोहिया के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे परिजन और क्षेत्रीय लोगों के सब्र जवाब दे रहा है। 11 अप्रैल को सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने की तैयारी में है। परिजन का आरोप है कि पुलिस सपा नेताओं से नहीं मिलने का दबाव बना रही है। वहीं, मामले में पुलिस ने अब तक किरायेदार महिला के पति समेत 60 लोगों से पूछताछ की है। इनमें पांच लोगों को संदेह के आधार पर चिह्नित किया गया है।
बता दें कि 31 मार्च को दक्ष का अपहरण कर जिंदा नहर में फेंक दिया गया था। उसका शव बुलंदशहर के गांव वलीपुरा के पास नहर में मिला था। घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी है। स्पेशल टीम, सर्विलांस, सोशल मीडिया, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य संसाधनों का प्रयोग करने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। परिजनों से भी पुलिस ने पूछताछ कर ली है।
परिजनों का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निर्देश पर 11 अप्रैल को सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मिलने आ रहा है। कोतवाली पुलिस प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलने का दबाव बना रही है। एसीपी नितिन कुमार का कहना है कि 60 लोगों से पूछताछ की गई है। पांच लोग चिह्नित किए गए हैं। इनसे पूछताछ करते हुए जांच की जा रही है।
बच्ची को पुलिस ने परिजनों से मिलवाया
कस्बा के बाजार में पांच साल की एक बच्ची माही अपनी मां से बिछड़ गई। पुलिस को वह रोती हुई मिली। बिलासपुर चौकी प्रभारी अजीत सिंह ने बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर करीब दो घंटे में परिजन को ढूंढ निकाला। सोशल मीडिया से जानकारी मिलने पर पिता जीतू पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने बच्ची को सकुशल सौंप दिया।