नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को लेकर आखिरकार शनिवार शाम पुलिस और किसानों के बीच सहमति बन गई। किसान बाहरी दिल्ली में करीब 100 किलोमीटर के दायरे में ट्रैक्टर परेड करेंगे। दिल्ली पुलिस ने टीकरी, गाजीपुर, चिल्ला और सिंघु बॉर्डर के लिए सहमति दे दी है। हालांकि चिल्ला बॉर्डर से रूट चार्ट अभी फाइनल नहीं किया है। उधर, किसानों का कहना है कि उन्हें हरियाणा व राजस्थान पुलिस से शाहजहांपुर बॉर्डर से भी ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति मिल गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया कि ट्रैक्टर परेड में एक लाख ट्रैक्टरों को शामिल किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रेसवार्ता में योगेन्द्र यादव ने कहा कि सिंघु, गाजीपुर, टीकरी और चिल्ला बॉर्डर से ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली पुलिस के साथ सहमति बन गई है। डॉ. दर्शनपाल और योगेन्द्र यादव ने कहा कि जितने भी मोर्चे हैं, सभी के लिए बैरिकेड्स खुलेंगे। परेड के बाद सभी ट्रैक्टर वहीं लौटेंगे, जहां से रवाना हुए हैं। रविवार को ट्रैक्टर परेड पर आगे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। युद्धवीर सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर किसी भी जगह बैरिकेड नहीं होंगे। भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि बैरिकेड्स खुले होने की वजह से किसानों को इन्हें तोड़ने की जरूरत नहीं होगी और यह किसानों की जीत है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि परेड सिंगल रूट पर नहीं होगी। अलग-अलग रूट पर तय किए हैं, जो अलग-अलग सीमाओं पर समाप्त होंगी। इस बारे में दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने बताया कि किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को लेकर तीन रूट तय कर लिए हैं और चिल्ला बॉर्डर का रूट चार्ट अभी फाइनल किया जाना है।
शंाति व्यवस्था का जिम्मा किसान संगठनों पर
ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्ण हो इसका जिम्मा किसान संगठनों पर होगा। इसके लिए वरिष्ठ किसान नेताओं की निगरानी में ट्रैक्टरों का पंजीयन किया जा रहा है। उन्हीं किसानों को परेड में भाग लेने की अनुमति होगी, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस होगा। उन्हें इसकी साफ्ट कॉपी अपने मोबाइल फोन में रखनी होगी।
तीन बॉर्डरों निकलेगी ट्रैक्टर परेड
गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर से एक साथ ट्रैक्टर परेड रवाना होगी। एक मोर्चा करीब 80 किलोमीटर लंबे रूट पर सिंघु सीमा से शुरू होकर संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, गोहना, कंझावला, ओचंदी से होता हुआ कुंडली मनेसर सीमा पर समाप्त होगा। दूसरा मोर्चा टिकरी बॉर्डर से ट्रैक्टर लेकर नांगलोई, नजफगढ़, ढांसा बार्डर से बादली जाएगा और वहां से वापसी होगी। यह रूट करीब 70 किलोमीटर लंबा होगा। वहीं, तीसरा मोर्चा गाजीपुर से आनंद विहार के रास्ते अप्सरा बॅार्डर से, शाहदरा मोहन नगर गाजियाबाद से दुहाई होते हुए डासना से वापस लौटेगा।
परेड में झांकियां भी होंगी प्रदर्शित
परेड में शामिल होने से पहले ट्रैक्टरों को गणतंत्र दिवस के लिए सजाया जा रहा है। अलग-अलग सीमाओं पर कलाकारों की तरफ से तैैैैयार की गई पेंटिंग और किसान आंदोलन से जुड़ी झांकियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। पंजाब, हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों में भी किसानों की दशा से संबंधित झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।
तीन राज्यों के पुलिस अधिकारी हुए शामिल
किसानों की पुलिस के साथ पांचवें दौर की बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए। गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के लिहाज से सभी किसान संगठनों से कहा गया है कि परेड के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे।