युवाओं को समझाते संयुक्त पुलिस आयुक्त लव कुमार।
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जेवर (मनोज कुमार शर्मा)। अग्निपथ योजना के विरोध में यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शनकारियों के जाम को खुलवाने के लिए पुलिस गाड़ियों की जगह ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर पहुंची। डेढ़ घंटे बाद पुलिस को यमुना एक्सप्रेसवे से जाम खुलवाने में सफलता जरूर मिली, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने तीन घंटे तक पुलिस को बुरी तरह से छकाया। अपर पुलिस आयुक्त, उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त समेत आधा दर्जन थाना प्रभारी 4 किमी तक युवकों के पीछे दौड़ते रहे। यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सुबह 11:30 बजे जाम लगा दिया था। जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किए, लेकिन बात नहीं बनने पर पुलिसकर्मी ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर जाम खुलवाने के लिए पहुंच गए। दोपहर एक बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। इसके बाद आंख मिचौली का खेल शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने एक्सप्रेसवे से उतरकर जेवर-खुर्जा रोड पर जाम लगा दिया। मॉडलपुर गांव के समीप पुलिस पर पथराव कर युवक खेतों में भाग गए। कुछ देर बाद नगला बंजारा के पास मंदिर के सामने जाम लगा दिया। यहां पुलिस के पहुंचने पर प्रदर्शनकारी पथराव करते हुए कुछ खेतों व सड़क के रास्ते आगे भाग गए। थोड़ी देर बाद ही नीमका पुलिस चौकी और फिर नीमका रजवाहे पर जाम लगा दिया। पुलिसकर्मी चार किलोमीटर तक प्रदर्शनकारियों के पीछे दौड़ते रहे। संवाद
‘पहले पुलिस की नौकरी चार साल की कराओ’
प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए शुरुआत में डीसीपी मीनाक्षी कात्यायन पहुंचीं। डीसीप ने युवाओं को समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि पहले पुलिस की नौकरी चार साल की कराओ फिर हमें समझाओगे तो खुशी होगी।