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काला दिवस : किसानों के गाजीपुर बॉर्डर कूच की आशंका से पुलिस सतर्क

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ग्रेटर नोएडा। तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर संयुक्त मोर्चा ने बुधवार को काला दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। हालांकि किसान संगठनों के पदाधिकारी अपने-अपने गांव और नगर में संगठन के दफ्तरों और घरों पर ही काले झंडे लेकर प्रदर्शन करेंगे, लेकिन कुछ संगठन गुपचुप रणनीति बनाने में जुटे हैं। आशंका है कि वह ऐन मौके पर गाजीपुर बॉर्डर की ओर कूच कर सकते हैं। इसके मद्देनजर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। पुलिस को संगठनों की ओर से घरों में ही काला दिवस मानने का आश्वासन मिला है, बावजूद इसके पुलिस किसी तरह की चूक नहीं होने देना चाहती।
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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने बताया कि मंगलवार को गाजीपुर में बैठक की गई। इसमें संयुक्त मोर्चा के आह्वान के बारे में किसान संगठनों को जानकारी दी गई कि 26 मई को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जो लोग गाजीपुर नहीं पहुंच सकते है वह अपने अपने दफ्तर या गांव में ही काला दिवस मनाएंगे। दनकौर में भारतीय किसान यूनियन के दफ्तर पर काला दिवस पर आयोजन होगा। पदाधिकारी काले झंडे लेकर विरोध में नारे लगाएंगे। वहीं, दादरी फूलपुर, नोएडा के अट्टा, जेवर में यूनियन के पदाधिकारी अपने-अपने स्तर से काला दिवस मनाएंगे। उन्होंने कहा कि काला दिवस मनाने के दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा। किसान एकता संघ महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी का कहना है कि संयुक्त किसान मोर्चा के निर्णय का पूरी तरह समर्थन किया जाएगा। हालांकि अभी इस पर संगठन की उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है। उसके बाद लिए फैसले के अनुरूप अग्रिम कदम उठाया जाएगा। भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यौराज सिंह रावल संयुक्त मोर्चा के निर्णय का समर्थन देने की बात की रहे हैं। राकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी इकपाल सिंह सिवाच ने बताया कि मंगलवार को संगठन की एक बैठक आयोजित की गई है। इसमें महामारी को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
किसानों के आश्वासन के बावजूद सतर्क हैं : डीसीपी
काला दिवस मानने के मद्देनजर किसान संगठनों से संपर्क कर वार्ता की गई है। सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि वह अपने घर से ही विरोध करेंगे। कोई भी संगठन कोविड-19 का उल्लंघन नहीं करेगा। इसके बावजूद पुलिस सतर्क हैं और किसानों की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
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- राजेश कुमार सिंह, डीसीपी ग्रेटर नोएडा।
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