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संशोधित:-अब वन विभाग के रडार पर भी जहर के सौदागर

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अब वन विभाग के रडार पर भी जहर के सौदागर
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- पुलिस, वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो करेंगी मामले की जांच



- वन विभाग ने भी दर्ज किया एचटू केस, सात साल तक हो सकती है सजा



माई सिटी रिपोर्टर



नोएडा। सांपों का जहर निकालकर नशे के लिए इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। तस्कर वन विभाग की रडार पर भी हैं। पुलिस की तर्ज पर वन विभाग ने भी छह लोगों के खिलाफ एचटू केस दर्ज कर लिया है। इसमें सीआरपीसी की धारा 120बी को छोड़कर अन्य वह सभी धाराएं शामिल हैं, जो पुलिस की ओर से भी शामिल की गई हैं। जिला वन अधिकारी पीके श्रीवास्तव का कहना है कि इन धाराओं में अगर दोषी पाए गए तो सात साल तक की सजा हो सकती है।
पीके श्रीवास्तव बताते हैं कि बरामद हुई जहर की शीशी पुलिस के कब्जे में है। उसे जांच के लिए भेजा जाना है। अभी भी कई और लोगों के इससे जुड़े होने की आशंका है। इसकी पूरी जांच की जाएगी। इसके अलावा शनिवार को वन अधिकारियों के साथ डब्ल्यूसीसीबी (वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ) के उच्चाधिकारियों ने बैठक की जिसमें इस मामले में अब तक की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। बैठक में डब्ल्यूसीसीबी ने यह साफ किया है कि ब्यूरो इस पर स्वतः संज्ञान लेने जा रहा है।
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श्रीवास्तव ने बताया कि वह पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई को और तेज करने के लिए कहेंगे, इसके लिए वह पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे। अहम है कि रेव पार्टी में सांपों की तस्करी मामले में कई बड़े नामों की चर्चा हो रही है। अब सभी विभागों की सयुंक्त जांच के बाद मामले में कई खुलासे हो सकते हैं। वहीं ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि तस्करों नोएडा तक सीमित नहीं रहे होंगे। अब जिन लोगों की भी इनमें मिलीभगत पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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मुश्किल मे पड़ सकते हैं एल्विश यादव



बिगबॉस फेम एल्विश पर मामले में केस दर्ज हो चुका है। अब उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अगर एल्विश दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें भी सात वर्षों की सजा हो सकती हैं।
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