ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक प्रस्तावित पॉड टैक्सी के अलाइनमेंट में बदलाव होगा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) में आज होने वाली बैठक में अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जाएगा। पॉड टैक्सी की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। हालांकि इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। इस वजह से पॉड टैक्सी के अलाइनमेंट में बदलाव संभव है। इसमें स्टेशनों की संख्या के अलावा कुछ सेक्टर हटाए गए हैं। खास बात यह कि यह पॉड टैक्सी का रूट यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के औद्योगिक सेक्टरों से जुड़ेगा। इससे यहां के उद्यमियों और कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी।
अगर सब योजनागत तरीके से चला तो एयरपोर्ट की उड़ान के साथ 2024 में यात्री एलिवेटेड ट्रैक पर पॉड टैक्सी की सुविधा का आनंद भी ले सकेंगे। एयरपोर्ट के प्रस्तावित एमआरओ की वजह से इसमें बदलाव की बात की जा रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना को अप्रूवल राज्य सरकार से होगा। इसके बाद मई तक इसका ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा। फिर एयरपोर्ट के साथ इसे जनवरी 2024 तक शुरु करने की योजना है। अहम है कि पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत पहले चरण में रोजाना 17 हजार यात्री इसका लाभ उठा सकेंगे। वहीं एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही यात्रियों की संख्या 37 हजार रोजाना तक ले जाने योजना है। एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक प्रस्तावित पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 810 करोड़ होगी। वहीं, इसका शुल्क 8 रुपया प्रति किमी प्रस्तावित है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है।
पॉड टैक्सी में होगी 8 सीटें, 21 लोगों की क्षमता
इस रूट पर चलने वाली पॉड टैक्सी में आठ सीटें होंगी। इसके अलावा 13 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते हैं। इस तरह से एक बार में अधिकतम 21 यात्री इससे सफर कर सकेंगे। पॉड टैक्सी को ड्राइवरलेस बनाने की योजना है। इसकी रफ्तार 45 से 60 किमी प्रतिघंटे के बीच होगी। वहीं शहर में इसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रतिघंटे होगी। इसे और हल्का बनाने पर विचार किया जा रहा है ताकि इसकी स्पीड में और तेजी लाई जा सके।
इन सेक्टरों से गुजरेेगी पॉड टैक्सी
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-21, 28, 29, 30 और जेवर एयरपोर्ट से पॉड टैक्सी गुजरेगी। इस रूट से सेक्टर-31 और 32 को हटा दिया गया है। यह पहले की योजना में शामिल था। लेकिन अब नए रूट के तहत यह सेक्टर-20-21 के 100 मीटर रोड से शुरू होगा। इसके अलावा सेक्टर-21 के समानांतर सेक्टर- 28, 29, 30 तक जाएगी। यह 75 मीटर रोड के समानांतर भी होगी।
पहले 17 तो अब होंगे 12 स्टेशन
पहले की योजना के मुुताबिक 17 स्टेशन बनाने की योजना थी। लेकिन अब इसके स्टेशन केवल 12 होंगे। इसमें सेक्टर-20-21 (डिपो स्टेशन) भी शामिल है। इसके अलावा सेक्टर-21-34, सेक्टर-28, सेक्टर-29, सेक्टर-32, सेक्टर-33, सेक्टर-10, सेक्टर-11, सेक्टर-30, सेक्टर-23ई, दयानतपुर और एयरपोर्ट शामिल होगा। सभी स्टेशन एलिवेटेड ट्रैक पर होंगे। पहले की योजना के मुताबिक 14.6 किमी का ट्रैक बनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन पॉड टैक्सी केवल 12 किमी के ट्रैक पर दौड़ेगी। इसमें अलाइनमेंट को अंतिम रुप देने के बाद पता चलेगा कि इसका ट्रैक कहां-कहां से होकर जाएगा।
पॉड टैक्सी परियोजना के लिए की गई स्टडी
पॉड टैक्सी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए इसके इतिहास की जानकारी ली गई है। जानकारी के मुताबिक 1975 में वेस्ट वर्जिनिया में पॉड टैक्सी की शुरूआत हुई। वहीं एयरपोर्ट से जोड़ने का काम पहली बार 2011 में हुआ था, जब हिथ्रो एयरपोर्ट से इसे जोड़ा गया। वहीं, स्टडी में पैदल चलने वाले, साइकिल से, ऑटो, बस, दोपहिया सहित अन्य वाहनों से चलने वालों का सर्वे भी किया गया।