जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास से बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के नए अध्याय की शुरुआत होगी। इस एयरपोर्ट से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों व दिल्ली-एनसीआर को काफी फायदा होगा। सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को मिलेगी जो केवल दिल्ली के एयरपोर्ट पर निर्भर हैं।
प्रधानमंत्री करीब एक घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर रहेंगे। दोपहर 12 बजे वे कार्यक्रम स्थल पर आएंगे। इस दौरान वह शिलान्यास और दूसरे अन्य कार्यक्रमों के अलावा आधे घंटे तक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। हालांकि, देर रात तक चर्चा रही कि कार्यक्रम एक बजे से हो सकता है। जनसभा में दो लाख लोगों के आने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के शिलान्यास और 2024 तक पहली उड़ान की संभावनाओं से क्षेत्र की जनता काफी उत्साहित है। इससे उद्यमी, व्यापारी और सभी अन्य वर्गों को फायदा होगा।
महत्वपूर्ण शहरों के केंद्र में है एयरपोर्ट
एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण शहरों के केंद्र में है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर, नोएडा से 40 किलोमीटर, ग्रेटर नोएडा से 28 किलोमीटर, आगरा से 130 किलोमीटर, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब दादरी से 40 किलोमीटर, फरीदाबाद से 40 किलोमीटर, गुरुग्राम से 65 किलोमीटर, गाजियाबाद से 40 किलोमीटर और अलीगढ़ से 45 किलोमीटर की दूरी पर है।
सभी दिशाओं में होगी सड़कों से कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जो पलवल, मानेसर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ को जोड़ता है। इसके अलावा पलवल से खुर्जा का प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, नोएडा से ग्रेटर नोएडा की ओर प्रस्तावित सड़क। साथ ही, बल्लभगढ़ से जेवर तक नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एक योजना प्रस्तावित है।
मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन से भी जुड़ेगा एयरपोर्ट
एयरपोर्ट के लिए मेट्रो की विस्तार लाइन भी प्रस्तावित है। इसे एक्वा लाइन से जोड़ने की योजना है। एक्वा लाइन पहले से ही ग्रेटर नोएडा में मौजूद है। बस उसे एयरपोर्ट तक लेकर जाना है। इसके अलावा दिल्ली से वाराणसी के लिए एक बुलेट ट्रेन प्रस्तावित है, जो नोएडा के सेक्टर-142 और जेवर में रुकते हुए जाएगी।
एयरपोर्ट पर एक नजर
- जुलाई 2017 में नागर विमानन मंत्रालय की ओर से साइट क्लीयरेंस दी गई
- अक्तूबर 2017 में गृह मंत्रालय से एनओसी मिली
- मार्च 2020 में पर्यावरण की क्लीयरेंस मिली
- 2021 में वन विभाग की ओर से तीन बार में अनुमति मिली
- मई 2020 में सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिली
- नवंबर 2021 में नागर विमानन महानिदेशालय से निर्माण की अनुमति मिली
- 1095 दिन, 29 सितंबर 2024 तक पहले चरण का काम पूरा करना होगा
एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में चार जिलों के करीब 85 हजार लाभार्थियों को ले जाने के लिए दो हजार बसों का बेड़ा तैयार किया गया है। यह बसें बृहस्पतिवार सुबह सात बजे तक संबंधित गांवों और जिम्मेदार लोगों के पास पहुंच जाएंगी।
परिवहन विभाग के सहयोग से ट्रांसपोर्टरों व स्कूल-कॉलेजों की बसों को मंगाया गया है और इनका खर्च यमुना प्राधिकरण वहन करेगा। जनसभा में लाभार्थियों को बुलाने के लिए नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर व अलीगढ़ से बसों को लिया गया है।
ज्यादातर बसें 52 सीटों की हैं। एक बस का खर्च डीजल और चालक-परिचालक से लेकर करीब पांच हजार रुपये का है, जबकि टोल देना पड़ा तो 500 रुपये अलग खर्च होंगे। इस तरह करीब साढ़े पांच हजार रुपये का एक बस का खर्च नोएडा से जेवर जाने का है।
यदि यही बस अलीगढ़ से आएंगी तो इनका खर्च करीब एक हजार रुपये और बढ़ जाएगा। इस तरह सभी बसों पर औसतन 6 हजार रुपये का खर्च आएगा। बसों के खर्च को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तात्कालिक तौर पर यह कार्यक्रम यमुना प्राधिकरण करा रहा है। साथ ही, शासकीय कार्यक्रम है, इसलिए बसों का खर्च भी प्राधिकरण ही करेगा।