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Noida News: पावर ऑफ अटॉर्नी पर बिकी संपत्तियों की रजिस्ट्री की मिली अनुमति

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- सीनियर सिटीजन सोसाइटी और एयरफोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड समेत कई आवासीय समितियाें को मिलेगा फायदा
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- ओमिक्रॉन-1 और 1-ए में फ्लैटों को नीलामी से बेचेगा प्राधिकरण

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिना पूर्णता प्रमाण पत्र केवल पावर ऑफ अटॉर्नी से बिकी संपत्तियों की रजिस्ट्री अब हो सकेगी। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय समितियों को मंजूरी दे दी है। पॉवर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर मौजूदा काबिज सदस्यों को ट्रांसफर शुल्क और समिति की एनओसी के बाद लीज डीड की अनुमति दी जाएगी।
बोर्ड से हुए फैसले में कहा गया है कि सीनियर सिटीजन सोसाइटी और एयरफोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड समेत कई आवासीय समितियाें में पॉवर ऑफ अटॉर्नी से संपत्तियों की बिक्री मूल सदस्यों ने की है। बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के हुई इस बिक्री में मौजूदा कब्जेदार को लीज डीड नहीं हो पाने से मालिकाना हक नहीं मिल पा रहे हैं। अब बोर्ड से अनुमति के बाद ऐसा हो सकेगा। बोर्ड ने शर्त लगाई है कि आवासीय समिति के पदाधिकारियों की तरफ से शपथ पत्र अनिवार्य होगा जिसमें वर्तमान में काबिज सदस्य के बारे में सूचना देनी होगी। सभी सदस्यों के पक्ष में सबलीज डीड कराने के लिए अलग-अलग एनओसी जारी करना अनिवार्य होगा। काबिजदारों को भी शपथ पत्र देना होगा कि किसी तरह की आपत्ति आने पर पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। 100 रुपये के स्टांप पेपर पर इसके लिए इंडेमनिटी बॉन्ड भी देना होगा। मूल सदस्य से आगे एक से अधिक बार बिक्री मिलने पर सभी का ट्रांसफर चार्ज का भुगतान जरूरी होगा। इस नीति के अंतर्गत सिर्फ उन्हीं प्रकरणों पर विचार किया जाएगा, जो भवन आवासीय समिति की कार्यपूर्ति से पूर्व खरीदे गए हैं।
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नीलामी से बेचे जाएंगे फ्लैट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने तय किया है कि सेक्टर ओमिक्रॉन-1 और 1ए में बहुमंजिला आवासीय इमारतों के फ्लैटों की योजना लांच करेगा। इस बार लॉटरी की जगह नीलामी से आवंटन होगा। इस स्कीम के ब्रोशर व नियम-शर्तों को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। ऑनलाइन आवेदन करना होगा और आवंटन की प्रक्रिया ई-नीलामी से सबसे बड़ी बोली लगाने वाले के पक्ष में पूरी कराई जाएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पस फंड बनाएगा प्राधिकरण

ग्रेटर नोएडा में हुए विकास कार्यों के भविष्य में रखरखाव के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पस फंड बनाने की मंजूरी दे दी गई है। सीईओ एनजी रवि कुमार ने इसकी पहल की है। बोर्ड ने कॉर्पस फंड पर अपनी सहमति दे दी है। सीईओ का कहना है कि अगर भविष्य में प्राधिकरण की आमदनी कम हो जाती है तो इस फंड से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सड़क, सीवर, नाली, विद्युत, उद्यान आदि का रखरखाव आसानी से हो सकेगा। यह फंड किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा। इसमें लीज रेंट, क्रय योग्य एफएआर शुल्क, रेस्टोरेशन चार्ज, टाइम एक्सटेंशन चार्ज आदि से प्राप्त धनराशि रखी जाएगी। फंड का उपयोग बोर्ड की स्वीकृति और सीईओ की अनुमति से किया जा सकेगा।


ग्रेटर नोएडा में चलेंगी ई-साइकिलें
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में ई-साइकिल संचालन को मंजूरी बोर्ड ने दी है। बीओटी (बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल के माध्यम से इस परियोजना को शुरू किया जाएगा। ई-निविदा से चयनित एजेंसी को साइकिल स्टेशन बनाने के लिए अलग-अलग जगहों पर प्राधिकरण 25 वर्गमीटर जगह उपलब्ध कराएगा। इसका पूरा खर्च कंपनी उठाएगी। ग्रेटर नोएडा में बढ़ती आबादी की जरूरत को देखते हुए यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, लास्ट माइल कनेक्टिविटी का विकल्प मिलेगा, आवागमन पर खर्च में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग शुल्क में छूट

सामुदायिक केंद्रों में सामाजिक कार्यों के लिए बुकिंग धनराशि में छूट दी जाएगी। सामूहिक विवाह और स्वास्थ्य शिविर जैसे आयोजनों के लिए अब बुकिंग शुल्क कम देना होगा।
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बाहरी बच्चों के लिए बनाए जाएंगे हॉस्टल
अपर मुख्य सचिव ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से कहा है कि शिक्षा प्राप्त करने के लिए यहां आने वाले छात्रों को रहने के लिए हॉस्टल की सुविधा दें। यहां लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेंस हॉल, कंप्यूटर लैब आदि की भी सुविधा रहे। कामकाजी महिलाओं के लिए भी महिला हॉस्टल बनाए जाएं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा को सेफ सिटी के रूप में विकसित करना जरूरी है
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