ग्रेटर नोएडा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से खानापूर्ति की जा रही है। केवल फाइलों में रोजाना 150 से अधिक गांवों, सेक्टरों और सोसाइटियों में सैनिटाइजेशन हो रहा है। जबकि, प्राधिकरण के झूठ से परेशान होकर लोग स्वयं सैनिटाइजेशन करवा रहे हैं। वहीं, कई लोग अब भी सैनिटाइजेशन का इंतजार कर रहे हैं। प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र के सभी सेक्टरों, सोसाइटियों और गांवों को लगातार सैनिटाइज कराने का दावा किया है। प्राधिकरण की ओर से रोज 150 से अधिक गांवों, सोसाइटियों और सेक्टरों में सैनिटाइज कराने का आंकड़ा जारी किया जा रहा है, लेकिन फिर भी लोग परेशान हैं।
लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण केवल फाइलों में सैनिटाइजेशन करा रहा है। सेक्टर डेल्टा वन के निवासियों का कहना है कि अब तक प्राधिकरण की टीम ब्लॉक में नहीं पहुंची है। जबकि, रोजाना उनके सेक्टर में सैनिटाइजेशन का दावा किया जाता है। वहीं, ग्रेनो वेस्ट के मिलक लच्छी गांव के निवासियों ने परेशान होकर स्वयं गांव को सैनिटाइज कराया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। दो लोगों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन प्राधिकरण की टीम सैनिटाइज करने नहीं पहुंची। इस पर स्वयं गांव को सैनिटाइज करवा रहे हैं। यही हाल अन्य गांवों का भी है।
5 दिन बाद भी नहीं हुआ सैनिटाइजेशन
ईकोटेक तीन थाना क्षेत्र के डेरीन (खेड़ा चौगानपुर) गांव निवासी सुनील भाटी ने बताया कि 27 अप्रैल को प्राधिकरण के व्हाट्स एप नंबर पर सैनिटाइजेशन की मांग की थी। इस पर प्राधिकरण ने जल्द कराने का आश्वासन दिया, लेकिन 5 दिन बाद भी नहीं किया गया है। इस बीच संबंधित टीम का मोबाइल नंबर भी दिया गया। टीम के सदस्य फोन नहीं उठा रहे हैं। अब उम्मीद भी नहीं है कि प्राधिकरण सैनिटाइजेशन कराएगा। वहीं, डेरीन गांव निवासी ओमबीर भाटी ने बताया कि उनके मकान में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। प्राधिकरण के व्हाट्स एप नंबर पर सैनिटाइजेशन की मांग की, लेकिन टीम नहीं आई। फिर एक एजेंसी से 1000 रुपये में सैनिटाइजेशन कराया। गांव में ही एक अन्य मकान में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वहां पर स्वयं सैनिटाइजेशन करवाया गया।