ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 थाना क्षेत्र के बिरोंडा गांव निवासी एक बुजुर्ग की मौत के बाद कुछ लोगों ने सुपुर्द-ए-खाक का विरोध किया। गांव के पीछे स्थित सोसाइटी के लोगों ने कब्रिस्तान न होने का हवाला दिया। इस के बाद मौके पर पहुंचे गांव निवासी हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष चैनपाल प्रधान और पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को दस्तावेज आदि दिखाकर शांत कराया। इसके बाद ही शव को दफनाया जा सका।
पुलिस के अनुसार, शेरखा हाजी (90) की कई दिन से तबीयत खराब थी। कुछ समय पहले घर पर ही गिरने से उनके कूल्हे की हड्डी भी टूट गई थी। शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने लगे। इसी बीच उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजन गांव के कब्रिस्तान पर गए तो पास की सोसाइटी निवासी इसका विरोध कर हंगामा करने लगे। मौके पर पुलिस व चैनपाल पहुंच गए। चैनपाल ने लोगों को कब्रिस्तान होने की जानकारी दी। इसके संबंध में उन्होंने दस्तावेज व अन्य साक्ष्य भी जुटाए। इसके बाद शव दफनाया जा सका।