पुन्हाना। शराब की दुकानों को खोलने की छूट देने से इलाके के नेता और सामाजिक लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। सरकार पर छोटे दुकानदारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। पुन्हाना और पिनगवां में शनिवार और रविवार को सभी गैरजरूरी दुकानें बंद रही केवल शराब की दुकानें खुली रही। समाजसेवी एडवोकेट गुलाम नबी, डॉक्टर आस मोहम्मद, कययूम और फिरोज खान का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें बंद रखनी चाहिए। वहीं रेहड़ी, खोखा और प्रति दिन छोटी-छोटी दुकानें लगाने वालों को छूट देनी चाहिए।
कांग्रेस विधायक दल के उपनेता विधायक आफताब अहमद ने कहा कि भाजपा सरकार को निर्धन लोगों की चिंता नहीं है। इसलिए लॉकडाउन के दौरान आम जनता भले ही परेशान हो पर शराब कारोबारियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि हर महीने आठ-दस दिन दुकानें बंद रहेंगी तो दुकानों का किराया निकालना मुश्किल होगा और कोई दुकानदार शायद ही कर्मचारियों को पूरा वेतन देगा।