नूंह। मेवात विकास एजेंसी द्वारा 40 साल पहले बनाई गई एमडीए की आवासीय कॉलोनी की हालत जर्जर है। बीते दिनों इसकी नीलामी भी की गई थी। प्रशासन द्वारा कर्मचारियों को कॉलोनी खाली करने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। इसके बावजूद इसमें दर्जनों कर्मचारी रह रहे हैं। यहां रहने वाले कर्मचारियों को हादसे का अंदेशा भी है, लेकिन फिर भी कई लोग अपने परिजनों के साथ रह रहे हैं।
कुछ समय पहले प्रशासन ने कॉलोनी में पानी के कनेक्शन भी काट दिए, लेकिन फिर भी कुछ कर्मचारी अपनी जान की भी परवाह किए बगैर इसमें रह रहे हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि हाल ही में एक महिला प्लास्टर गिरने से जख्मी हो गई थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करें। ताकि भविष्य में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हो।
बता दें, कि शहर में 80 के दशक में एमडीए द्वारा कर्मचारियों के आवास के लिए शाहपुर नंगली रोड पर आवासीय कॉलोनी बनवाई थी। जो कई वर्षों से जर्जर हालत में हैं। प्रशासन ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस कॉलोनी को कंडम घोषित कर दिया था। नई कॉलोनी के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को प्रशासन ने टेंडर भी दिया है। कुछ कर्मचारियों ने आवासीय कॉलोनी को खाली कर दिया है लेकिन अभी भी दर्जनों परिवार जान जोखिम में डालकर इस कालोनी में रह रहे हैं। वहीं नूंह के एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा कि इस बारे में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।