नोएडा में बसे बाहरी राज्यों के मतदाताओं को 2003 तक का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा, मजबूरी में खाली छोड़ रहे कॉलम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं को फॉर्म भरने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। नोएडा में रहने वाले बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो कई शहर बदलते हुए यहां बसे हैं। बार-बार स्थान परिवर्तन के कारण उनके पास अपने पिछले मतदान का रिकॉर्ड या ईपीआईसी नंबर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में 2003 का पुराना रिकॉर्ड ढूंढना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
सेक्टर-34 स्थित उदयगिरि अपार्टमेंट में लगे कैंप के बीएलओ ने बताया कि नोएडा में अधिकतर लोग मूल रूप से बाहरी राज्यों के हैं। शहर-दर-शहर रहने के कारण कई लोग अपना पुराना मतदान रिकॉर्ड संभालकर नहीं रख पाए। ऐसे मतदाता अपने फॉर्म में पिछला पता और ईपीआईसी नंबर नहीं भर पा रहे हैं और मजबूरी में कॉलम खाली छोड़ना पड़ रहा है।
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माता-पिता का ईपीआईसी नंबर भी नहीं मिल रहा
सेक्टर-51 स्थित केंद्रीय विहार के बीएलओ के अनुसार पहली बार मतदाता बन रहे युवाओं को अपने माता-पिता का ईपीआईसी नंबर डालना होता है, लेकिन कई परिवारों के पास यह नंबर उपलब्ध नहीं होता। हालांकि फॉर्म में विकल्प है कि नंबर उपलब्ध न होने पर कॉलम खाली छोड़ा जा सकता है।
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हमारे पास नहीं है पिछला रिकॉर्ड...
हम मूलरूप से केरल के रहने वाले हैं और नोएडा में पहली बार मतदान करेंगे। इससे पहले हमने केरल में मतदान किया था लेकिन हमारे पास हमारा पिछला रिकॉर्ड नहीं है। -विनॉय जोसेफ
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हमने पहली बार मतदान केरल में किया था और इसके बाद हम नोएडा आ गए थे। नोएडा में काफी समय से रह रहे हैं लेकिन हमारे पास पिछली बार के मतदान का रिकॉर्ड नहीं है। -रिचल थॉमस