जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में 10 लोग घायल, शनिवार शाम पांच बजे सहारनपुर से निकलता था परिवार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रयागराज महाकुंभ जा रहे लोगों से भरी पिकअप (छोटा हाथी) यमुना एक्सप्रेसवे पर कैंटर से टकरा गई। इसमें दंपती समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 यात्री घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि चालक को झपकी आने से हादसे की आशंका है। तहरीर केस दर्जकर मामले की जांच कर रही है।
हादसा जेवर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार देर रात करीब 11:15 बजे हुआ। सहारनपुर के थाना देवबंद के जखवाला निवासी राहुल सिंह परिवार के 13 सदस्यों के साथ पिकअप से शनिवार शाम पांच बजे निकले थे। पिकअप को हरपाल चला रहे थे। जब पिकअप यमुना एक्सप्रेसवे पर 33 किमी माइलस्टोन के पास पहुंचा तो हरपाल को झपकी आ गई। इससे पिकअप अनियंत्रित होकर कैंटर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन में पीछे सो रहे रहे लोग बुरी तरह घायल हो गए। पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। आगे बैठे साहब सिंह और चालक हरपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर जेवर टोल से पहुंची पेट्रोलिंग टीम और जेवर कोतवाली पुलिस ने घायलों को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। कटर की मदद से पिकअप के अगले हिस्से को काटकर साहब सिंह और चालक को निकाला गया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान साहब सिंह व उनकी पत्नी रोशनी (65) और रिश्तेदार महिला रामवती (60) को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से मामले की जांच की जा रही है। पिकअप जिस वाहन से टकराया है। उसकी पहचान की जा रही है। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार सिंह का कहना है कि हादसे में साहब सिंह के पुत्र राहुल सिंह की शिकायत पर मामले में केस दर्ज कर किया गया है। जांच सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार दीक्षित को सौंपी गई है।
घायल खतरे से बाहर
घायलों में राहुल सिंह (36), हरपाल (44), पूनम (45), अनीता (45), सलोनी (21), नीलम (40), पिंकी (50), यशवीर (13), बच्चन (38) और ओमवती (55) शामिल हैं। ये खतरे से बाहर हैं। वे अपने निजी स्थान पर उपचार करा रहे हैं। जेवर स्थित कैलाश अस्पताल के डॉ. एके सिंह का कहना हादसे में घायल होकर कुल 12 लोग पहुंचे थे। सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
हादसे के बाद भागने का नहीं मिला मौकाः
घटना के वक्त पीछे लोग चादर, तकिया, कंबल डालकर सो रहे थे। हादसा होने के बाद तेज झटका लगने पर वाहन पलटने के साथ एक-दूसरे पर चढ़ गए। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। छोटी गाड़ी होने से लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। इस कारण पीछे सवार दो महिलाएं दम घूटने, सिर में चोट लगे से मर गईं। वहां से गुजरे रह लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी थी। राहुल ने बताया कि हादसे में उनके माता-पिता की मौत हुई है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर एक साल में हुए हादसेः
नवंबर-2024 में कैंटर ने सड़क किनारे खड़ीं दो कारों को पीछे से टक्कर मार दी थी। हादसे में कृपालु महाराज की बड़ी बेटी डॉ. विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई थी, जबकि अन्य सात लोग घायल हो गए थे।
दिसंबर-2024 में जेवर कोतवाली क्षेत्र में वाहन ने एक बाइक सवार व्यक्ति को टक्कर मार दी थी। हादसे में इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई थी।
रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र में ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस हादसे में कार में सवार व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मई-2024 में जेवर में ईंट से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और रोडवेज बस की टक्कर हो गई थी। ट्रैक्टर पर बैठे मजदूर की मौत हो गई थी। दोनों वाहनों के चालक और 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जनवरी-2024 में कोहरे के कारण हादसे में बस में दो कारें पीछे से टकरा गई थीं। इस हादसे में नौ व्यक्ति घायल हो गए थे और एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।