जिला अस्पताल परिसर की सड़के घेरती दो पहिया वाहन। संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज बनने के दो साल बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों के वाहन की पार्किंग की अब तक कोई उचित व्यवस्था नहीं हो पाई। कई बार निशुल्क इलाज के लिए आए मरीजों के वाहन गायब होने के भी मामले सामने आए। अस्पताल परिसर की दोपहिया वाहनों से घिरी सड़कें एबुलेंस और अस्पताल वाहन के आवागमन में भी बाधित बनी रहती हैं।
जिला अस्पताल में पूर्व में वाहनों की संख्या कम रहने के चलते वाहन पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था नहीं थी लेकिन दो साल से जिला अस्पताल का सबंद्धीकरण मेडिकल कॉलेज से हो गया है। जैसे-जैसे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा हुआ, वैसे ही मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है लेकिन इससे जिला अस्पताल में जिला अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था गड़बड़ा गई है। शनिवार सुबह देखा गया कि सैकड़ों तीमारदार और मरीजों ने ओपीडी ब्लॉक के बाहर ही अपनी बाइकें लगा दीं। उसके सामने आधी सड़क घेरकर आवागमन व्यवस्था खराब कर दी। इस दौरान कुछ सुरक्षाकर्मी भी मूकदर्शक बने बैठे रहे। कुछ विभागीय गाड़ियां और वाहन नई इमरजेंसी के बाहर पार्क देखे गए। वहीं पूर्व में जिला अस्पताल में हर माह से दो से तीन वाहन गायब होने के भी मामले सामने आए हैं।
पार्किंग ठेके के प्रयास हुए विफल
मेडिकल कॉलेज की ओर से हाल ही में पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए पार्किंग का टेंडर आमंत्रित किया गया। एक से दो बार प्रयास किए लेकिन विफल रहे। इससे व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो पाई।
जिला अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए योजना बनाई जा रही है। जल्द ही पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय।