दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), एनडीआरएफ, पुलिस और बोट क्लब की टीमें दिन-रात लोगों व जानवरों को बचाने में जुटी हैं। बाढ़ से बुजुर्गों, मवेशियों व पालतू जानवरों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। यहां भोजन और चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। डीडीएमए की रिपोर्ट के मुताबिक, बारापुला के पास चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया। उस्मानपुर में तीसरे पुस्ता के पास कुछ लोग, पालतू जानवरों व एक गाय को निकाला गया।
जहांगीरपुरी में नाले उफान पर
जहांगीरपुरी नाले में उफान के कारण दो अतिरिक्त राहत शिविर बनाए गए हैं जहां 783 लोगों को स्थानांतरित किया गया है। अमृतपुर नाले की मरम्मत हो रही है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के विश्वकर्मा कॉलोनी, सरिता विहार और जैतपुर एक्सटेंशन पार्ट-2 में भी नाले बैक फ्लो हो रहे हैं। सेंट्रल दिल्ली में निगम बोध घाट पर एमसीडी की दीवार टूटने से पानी भर गया है। यहां से करीब 500 लोगों को मोरी गेट के एसकेवी स्कूल में स्थानांतरित किया गया है।
80 साल से अधिक उम्र के चार बुजुर्ग बचाए
सेंट्रल दिल्ली के बेला रोड पर 80 साल से अधिक उम्र के चार बुजुर्गों, कुत्ते और बिल्ली को डीडीएमए व बोट क्लब ने बचाया। कश्मीरी गेट के पास वासुदेव घाट और मठ मार्केट में 30-35 लोगों को एनडीआरएफ की 16वीं बटालियन ने निकाला। गोशाला के पास लोहे के पुल पर सभी गायों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। शास्त्री पार्क के पास बुलंद मस्जिद में बैक फ्लो के कारण पंप ठीक करने का काम जारी है।