निजी कंपनी में जमा कर दी 547 शिक्षकों की पेंशन, लेखाकार व बैंककर्मियों पर केस
- जिला विद्यालय निरीक्षक ने दर्ज कराई सूरजपुर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट
- वर्ष 2005 से चल रहा था खेल, प्रदेश के 25 जिलों में खुलासे के बाद कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले के 547 शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों की पेंशन राशि निजी कंपनी में जमा करने के मामले में सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने मामले में अपने कार्यालय के लेखाकार देवेंद्र कुमार और एचडीएफसी बैंक के दो कर्मचारी योगिता और रवि कुमार पर धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज कराया है। प्रदेश के 25 जिलों में वर्ष 2005 के बाद शिक्षकों की पेंशन में उनकी अनुमति के बिना की जा रही धोखाधड़ी का मामला उजागर होने के बाद ये कार्रवाई की गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2005 के बाद भर्ती शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का कर्मचारियों के लिए प्रान खाता खुलवाया जाता है। उसी समय वह पेंशन आदि के लिए कंपनी का चयन करता है। न्यू पेंशन स्कीम के लिए वेतन की 10% राशि और राज्य द्वारा उपलब्ध कराए गए राज्यांश 14 प्रतिशत की राशि नेशनल सिक्योरिटी डिपोजिट लिमिटेड (एनएसडीएल) में जमा की जाती है। जिले के 547 शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने फंड यूटीआई, एसबीआई और एलआईसी में जमा करने की सहमति दी थी। इसके बावजूद इस राशि को एचडीएफसी में जमा कर दी गई। इसके लिए कर्मचारियों से कोई अनुमति भी नहीं ली गई। नई पेंशन स्कीम का पासवर्ड लेखाकार देवेंद्र कुमार के पास था, जिसे उसने दुरुपयोग किया और पोर्टल पर छेड़खानी व धोखाधड़ी की। निजी कंपनी से मिलने वाले कमीशन आदि लाभ के लिए प्रदेश के 25 जिलों में इस तरह की धोखाधड़ी की गई है। इस प्रकरण की जांच किसी बड़ी एजेंसी से जांच के लिए शिक्षक प्रदेश भर में मांग कर रहे हैं। जिले में हुई इस धोखाधड़ी में एचडीएफसी बैंक की दो कर्मचारी योगिता और रवि कुमार एवं कुछ अज्ञात भी शामिल हैं। इसके चलते सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने जिला विद्यालय निरीक्षक की शिकायत पर सभी पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।