ग्रेटर नोएडा। जिले में लगातार कोरोना संक्रमित का ग्राफ बढ़ रहा है और कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट अभी भी बरकरार है। अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहा और घर पर रहते हैं तो ऑक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग हो या जिला प्रशासन, कोई भी मदद नहीं कर पा रहा।
होम आइसोलेट मरीज अब सोशल मीडिया पर भी लगातार ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की अपील कर रहे हैं। वहीं, होम आइसोलेशन के मरीजों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने 10 टीमें तो बना दीं, लेकिन ये सदस्य भी सप्ताह में एक बार कॉल करके औपचारिकता कर लेते हैं। कोई मदद नहीं दे पा रहे। अस्पतालों को 50 प्रतिशत ही ऑक्सीजन जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुहैया कराई जा रही है। अस्पतालों ने ऑक्सीजन की कमी ो मरीज भर्ती करना बंद कर दिए हैं। ऐसे में गंभीर मरीज या तो भटक रहे हैं या अस्पताल की दहलीज पर दम तोड़ रहे हैं।
600 से अधिक गंभीर मरीज
जिले में 600 से अधिक गंभीर कोरोना संक्रमित ऑक्सीजन के अभाव में प्रतिदिन तड़प रहे हैं। परिजन ऑक्सीजन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। ऐसे लोगों की गुहार न तो जिला प्रशासन सुन रहा है और न स्वास्थ्य विभाग। संक्रमितों के परिजन सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से गुहार लगा कर ऑक्सीजन दिलाने की मांग कर रहे हैं। जिले में वर्तमान में करीब 5000 से अधिक संक्रमित होम आइसोलेट है। इनमें से 600 से अधिक लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत है।
कंट्रोल रूम में आ रही 5 हजार से अधिक कॉल
मदद के लिए गठित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में 18004192211 नंबर पर रोज करीब 5 हजार से अधिक लोगों की कॉल आ रही हैं। इनमें से 600 से अधिक कॉल ऑक्सीजन, 2 से 3 हजार कॉल बेड की उपलब्धता से जुड़ी आ रही है। इसके अलावा कुछ लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता व मिलने के स्थान के बारे में पूछ रहे हैं। कंट्रोल रूम से अधिकांश लोगों को निराशा हाथ लग रही है।
ठीक होने के बाद भेजी दवाई
ग्रेनो वेस्ट में रहने वाले विकास कटियार ने बताया कि हेल्पलाइन से कॉल आई, आप संक्रमित हैं, आपको दवाई मिली या नहीं, जबकि हकीकत है कि सीएमओ कार्यालय से दवाई के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया। शुक्रवार को स्प्रिंग मिडोज सोसाइटी में ठीक हो चुके मरीजों को आठ-दस दिन बाद दवाइयों का वितरण किया गया। जिन मरीजों के लिए दवाई आई वे संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।
जिले में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। अब अस्पतालों को भी पहले की अपेक्षा अधिक ऑक्सीजन मुहैया कराई जा रही है। आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार होगा। - डॉ. श्वेता खुराना, नोडल ऑक्सीजन आपूर्ति।
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होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की नियमित रुप से जांच-पड़ताल की जा रही है। टीमों के न पहुंचने के आरोप बेबुनियाद हैं। - डॉ. ललित कुमार, नोडल सर्विलांस टीम।