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इंजेक्शन लगने से बिगड़ी मरीज की तबीयत, ईएसआईसी अस्पताल में हंगामा

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ईएसआईसी अस्पताल के बाहर खड़े मरीज के परिजन।
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इंजेक्शन लगने से बिगड़ी मरीज की तबीयत, ईएसआईसी अस्पताल में हंगामा
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नोएडा। सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। बुलंदशहर निवासी शुभम सोमवार सुबह बीमार पिता को लेकर ईएसआईसी अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि इमरजेंसी में तीन इंजेक्शन लगने के बाद ही तबीयत बिगड़ गई और मुंह से झाग निकलने लगा। इस पर वह कर्मचारियों से इलाज करने को लेकर विलाप करता रहा, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। इसके बाद में तबीयत अधिक बिगड़ने पर मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए। जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।
बुलंदशहर स्थित धर्म एंक्लेव निवासी केशव देव शर्मा सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद से उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है। बेटे शुभम ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर सोमवार सुबह करीब 9 बजे पिता को ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती कराया था। इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक उन्हें 3 इंजेक्शन लगाने के बाद चले गए। कुछ देर बाद ही पिता के मुंह से झाग निकलने लगा और स्थिति ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उन्होंने चिकित्सक और स्टाफ की तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। इसके विरोध में परिजनों ने हंगामा भी किया। इसके बाद पहुंचे स्टाफ ने भी कोई जानकारी नहीं दी। हालत बिगड़ती देख वह पिता को सेक्टर-33 स्थित प्रकाश अस्पताल ले गए। जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। शुभम ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सरकारी अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पिता की तबीयत बिगड़ी है। शुभम ने सीएमओ से मामले की शिकायत की है।
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इमरजेंसी में मरीज के उपचार में लापरवाही क्यों बरती गई। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. बलराज भंडार, निदेशक, ईएसआईसी अस्पताल
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