पंचायत चुनावों में मतदान और मतगणना में प्रत्याशी स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति और उस क्षेत्र के ही मतदाता को अपना एजेंट बना पाएंगे। वर्तमान या पूर्व विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख के साथ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग एजेंट नहीं बनाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों को निर्देश जारी किए हैं।
नियम के मुताबिक सांसद, विधायक, मंत्री, जिला पंचायत चेयरमैन, ब्लॉक प्रमुख, विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्ति, भूतपूर्व सांसद, भूतपूर्व विधायक, राज्य सरकार एवं स्थानीय निकायों में किसी लाभ के पद पर मौजूद व्यक्ति को एजेंट नहीं बनाया जा सकेगा। कोई भी मतदान एजेंट या समर्थक मतदान केंद्रों पर अभद्रता नहीं करेगा। कोई भी मतदान कर्मचारी को उपहार, खाने का सामान, शराब या प्रलोभन नहीं देगा। चुनाव के दौरान कोई भी प्रत्याशी दूसरे के लिए गलत बयानबाजी नहीं करेगा। किसी भी तरह के हंगामा या शोर नहीं करने का हिदायत दी गई है।
यूपी में जिला पंचायत क्षेत्र व ग्राम पंचायत की आरक्षण की नई सूची जारी कर दी गई है। जिसमें करीब 10 प्रतिशत स्थानों में पहले की सूची से बदलाव किया गया है। ब्लॉक प्रमुख के सभी 10 स्थानों के लिए पहले जैसा आरक्षण है इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण पहले ही घोषित हो चुका है।
जिसमें पूर्व की तरह उसे अनुसूचित जाति के खाते में रखा गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत के कुछ ऐसे स्थानों में बदलाव किया गया है, जहां अनुसूचित जाति थी वहां पिछड़ा वर्ग और जहां सामान्य था वहां पिछड़ा वर्ग महिलाा आरक्षित कर दिया गया है। जिससे पूर्व में चुनाव की तैयारी कर रहे कई दावेदारों को झटका लगा है। इसमें 23 मार्च तक लोग अपनी आपत्तियां जिला पंचायत राज अधिकारी के पास दर्ज करा सकते हैं।