पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर एनसीआर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी। कहीं ग्रेनेड फेंकना था तो किसी की हत्या करनी थी। वारदातों के लिए स्लीपर सेल भी तैयार की जा रही थी, लेकिन भनक लगते ही यूपी एटीएस ने दो आतंकियों को बृहस्पतिवार को नोएडा से दबोच लिया।
अब यूपी एटीएस की टीम पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। एटीएस की जांच में पता चला है कि बागपत के रमाला निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और पुरानी सीमापुरी दिल्ली निवासी समीर खान आईएसआई के संपर्क में थे।
इसी के निर्देशन में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट के कहने पर दोनों काम कर रहे थे। ये लोग पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय थे और स्लीपर सेल को मजबूत करने की तैयारी में थे।
संवेदनशील स्थानों की रेकी की
इन लोगों ने हाल के दिनों में एनसीआर के कई शहरों में जाकर महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी और अब वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपति तुषार चौहान व समीर खान इसी को लेकर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।
सोशल मीडिया से संपर्क में आने के बाद दोनों की उससे ऑडियो व वीडियो कॉल पर बात होने लगी थी। भट्टी के दिए टारगेट में उन्हें घरों पर भी ग्रेनेड से हमला करना था। पाकिस्तानी एजेंटों ने तुषार और समीर को पैसे और पिस्टल भी भिजवाए थे, जो उनके पास से बरामद हुईं हैं।
एटीएस के मुताबिक नेटवर्क में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं, जिन्हें खोजा जा रहा है। दोनों आरोपियों ने कुछ लोगों को जान से मारने की भी धमकी दी है। इनमें से कई कॉल पर पाकिस्तानी हैंडलर भी जुड़े थे।
बहकावे में आकर दूसरे धर्म के प्रति आकर्षित हुआ तुषार
20 वर्षीय तुषार चौहान वर्तमान में कंकरखेड़ा, मेरठ में रहता था। उसने एजेंसी को बताया कि सोशल मीडिया व अन्य लोगों के बहकावे में आकर वह इस्लाम के प्रति आकर्षित हो गया था। झुकाव बढ़ने से उसने इस्लामिक परंपराओं का भी पालन करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने अपना नाम हिजबुल्ला अली खान रखा था।